राज्य में जाति के नाम पर सरकार न चले – संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि मैंने एक सर्वे कराया था। सर्वे में पूछा गया था कि क्या योगी सरकार जातिवादी है?

लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रभारी संजय सिंह ( Sanjay Singh) ने कहा कि मैंने एक सर्वे कराया था। सर्वे में पूछा गया था कि क्या योगी सरकार जातिवादी है? ठाकुरवादी है? 63 फ़ीसदी जनता ने हां कहा था और 29 फीसदी ने ना। बाकी लोगों ने अपनी राय देने से मना कर दिया था।

इसी सर्वे के कारण पिछले दिनों योगी सरकार ने प्रदेश में मेरे खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया।योगी जी ने मुझे देशद्रोही घोषित कर दिया।लेकिन आज मैं तथ्यों व आंकड़ों के साथ जानकारियां देने जा रहा हूं जिससे प्रदेश की जनता की आंखें खुल जाएंगी। जो देशद्रोह का मुकदमा लिखा गया है उसकी सच्चाई का पता चल जाएगा।कि मैं झूठ बोल रहा हूं या योगी सरकार दुर्भावना और द्वेष की राजनीति कर रही है।

क्या यही भाजपा का रामराज्य है..

प्रदेश के 39 जिलों में एक ही जाति के 46 शीर्ष अधिकारियों की तैनाती क्या जातिवाद नहीं है? क्या प्रदेश सरकार को शीर्ष पदों पर तैनाती के लिए अन्य जातियों के अधिकारी नहीं मिले। पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर प्रेस से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि क्या यही भाजपा का रामराज्य है.. क्या यही योगी का रामराज्य है.योगी जी क्षत्रिय वह नहीं है जो खुद के लिए काम करें बल्कि छत्रिय वह है जो सभी को छत्र अर्थात सुरक्षा प्रदान करें।

24 करोड़ जनता के साथ अन्याय और अत्याचार नहीं होने दूंगा

योगी जी आपने मुख्यमंत्री बनते समय संविधान की शपथ ली थी सांसद होने के नाते मैंने भी उसी संविधान की शपथ ली है। प्रदेश की 24 करोड़ जनता के साथ अन्याय और अत्याचार नहीं होने दूंगा। सत्ता के बदौलत जातिवाद और ठाकुर वाद को नहीं होने दिया जाएगा। योगी जी आप ठाकुरों के लिए काम कीजिए,लेकिन दूसरी जातियों की उपेक्षा मत कीजिए। उनके साथ अन्यायपूर्ण रवैया मत अपनाइये। प्रदेश की 24 करोड़ जनता का ख्याल रखिए।

नोटिस, मुकदमा और गिरफ्तारी से मैं डरने वाला और जाकर घर में छिपने वाला नहीं हूं।आप चाहे कितना भी मुकदमा दर्ज करो, आवाज बुलंद करता रहूंगा। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि मैं अपने सर्वे और बयान पर सौ फीसदी कायम हूं। योगी सरकार ठाकुर बाद कर रही है,जातिवाद कर रही है।उन्होंने लंबी फेहरिश्त गिनाई किमैनपुर महेंद्र बहादुर सिंह जिलाधिकारी ठाकुर,अलीगढ़ चंद्र भूषण सिंह डीएम ठाकुर,एटा सुनील कुमार सिंह एसएसपी ठाकुर, कासगंज चंद्र प्रकाश सिंह डीएम ठाकुर,प्रयागराज केपी सिंह आईजी रेंज ठाकुर,कौशांबी अभिनंदन सिंह एसपी ठाकुर, आजमगढ़ सुधीर सिंह एसपी ठाकुर, बलिया हरि प्रताप सिंह डीएम ठाकुर,गौतमबुद्ध नगर एडीसीपी रणविजय सिंह ठाकुर,गौतमबुद्ध नगर अरुण बीर सिंह सीईओ यमुना ठाकुर, गौतमबुद्ध नगर आलोक सिंह कमिश्नर ठाकुर, शाहजहांपुर इंद्र विक्रम सिंह जिलाधिकारी ठाकुर,संत कबीर नगर बृजेश सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, हमीरपुर नरेंद्र कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, बांदा अनंत कुमार सिंह जिलाधिकारी ठाकुर,महोबा सत्येंद्र कुमार जिलाधिकारी ठाकुर, देवीपाटन गोंडा राकेश सिंह डीआईजी ठाकुर, अमेठी दिनेश सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, कुशीनगर विनोद कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, झांसी सुभाष सिंह आईजी ठाकुर, कानपुर राकेश कुमार सिंह वीसी केडीए ठाकुर, कानपुर जय नारायण सिंह एडीजी ठाकुर, एटा श्रुति सिंह जिलाधिकारी ठाकुर, फर्रुखाबाद मानवेंद्र सिंह जिलाधिकारी ठाकुर, कन्नौज अमरेंद्र प्रसाद सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, कानपुर देहात दिनेश चंद्र सिंह जिलाधिकारी ठाकुर, लखनऊ लक्ष्मी सिंह आईजी ठाकुर, लखनऊ अभिषेक प्रकाश जिलाधिकारी ठाकुर,लखीमपुर खीरी शैलेंद्र सिंह जिलाधिकारी ठाकुर,सीतापुर आरपी सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर,बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, अदिति सिंह जिलाधिकारी ठाकुर, मिर्जापुर अजय कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, मुरादाबाद बिरेंद्र कुमार सिंह कमिश्नर ठाकुर, मुरादाबाद राकेश कुमार सिंह जिला अधिकारी ठाकुर, बिजनौर धर्मवीर सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर, रामपुर धनंजय कुमार सिंह जिला अधिकारी ठाकुर, संभल अविनाश कुमार सिंह जिला अधिकारी ठाकुर,सहारनपुर अखिलेश सिंह जिलाधिकारी ठाकुर, चंदौली हेमंत सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर,गाजीपुर मंगला प्रसाद सिंह जिलाधिकारी ठाकुर, गाजीपुर ओम प्रकाश सिंह पुलिस अधीक्षक ठाकुर,जौनपुर दिनेश कुमार सिंह जिला अधिकारी ठाकुर, जौनपुर राजकुमार नय्यर पुलिस अधीक्षक ठाकुर,आगरा अजय अनंत एडीजी ठाकुर, बरेली रोहित सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ठाकुर।इसमें थानेदार, बेसिक शिक्षा अधिकारी,सचिवालय और शासन में बैठे शीर्ष अधिकारी,जिला पूर्ति अधिकारी और अन्य बड़े पदों पर बैठे लोगों को नहीं जोड़ा है ।

एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?

सांसद संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी से सवाल पूछा कि क्या आपको निषाद समाज से कोई भी अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? राजभर समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? लोधी समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? पाल समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? यादव समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?

वाल्मीकि समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? सोनकर समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? पासी समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? नाई समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? कुशवाहा समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ? लुनिया समाज का अधिकारी डीएम, एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?

उन्होंने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी कटघरे में खड़ा करते हुए उनसे सवाल पूछा कि आप तो डिप्टी सीएम बन गए क्या आपको मौर्य समाज से एक भी अधिकारी डीएम एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?उन्होंने मंत्री जयप्रताप निषाद से सवाल किया आप तो मंत्री बन गए क्या आपको निषाद समाज से एक भी अधिकारी डीएम एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?उन्होंने मंत्री अनिल राजभर से सवाल किया आप तो मंत्री बन गए क्या आपको राजभर समाज से एक भी अधिकारी डीएम एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?

उन्होंने मंत्री धर्मसिंह सैनी से सवाल किया आप तो मंत्री बन गए क्या आपको सैनी समाज से एक भी अधिकारी डीएम एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?उन्होंने मंत्री सुरेश पासी से सवाल किया आप तो मंत्री बन गए क्या आपको पासी समाज से एक भी अधिकारी डीएम एसएसपी बनाने लायक नहीं मिला ?श्री सिंह ने कहा कि अलग-अलग जातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता केवल वोट लेकर सरकार में मंत्री बन गए हैं? आवाज क्यों नहीं उठा रहे।क्या यही योगी जी क्या यही रामराज्य है। क्या यही प्रभु श्री राम का संदेश है। क्या यह आंकड़े झूठे हैं। क्या यही क्षत्रिय शिरोमणि महाराणा प्रताप का संदेश है।

अगर मैंने सच बोल दिया तो मैं देशद्रोही हो गया। मैं एक सांसद होने के नाते संविधान पद की शपथ लेकर बैठा हूं। मेरी जिम्मेदारी है कि किसी राज्य में जाति और धर्म के नाम पर सरकार न चले। आप ने नोटिस दी,13 धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करा दिया। पार्टी का कार्यालय खाली करवा लिया। पार्लियामेंट चल रही है तो नोटिस भेज रहे हैं। सोच रहे थे हम डर कर चुप हो जाएंगे, घर में बैठ जाएंगे, ऐसा बिल्कुल होने वाला नहीं है। मैंने थानेदार को भी अपने वकील के माध्यम से चिट्ठी  भिजवा कर पूछा लिया है जब भी बयान देने के लिए आना हो, गिरफ्तारी देने के लिए आना हो ? बता दीजिएगा। मैं गिरफ्तारी देने के लिए फिर आ गया हूं।मैं कोई भागने डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि सब जाति के लिए काम होना चाहिए।जातिवाद खत्म होना चाहिए। मैंने किसी के प्रति नफरत नहीं फैलाया,दंगे नहीं कराया। जो भगवान को दलित बोलते हैं वह लोग समाज को बांट रहे है। जो लोग कहते हैं भाजपा को वोट नहीं दोगे तो पाकिस्तान चले जाओ।  महोबा की घटना बताती है कि प्रदेश में खाकी वर्दी की गुंडागर्दी चल रही है और वह खुद वसूली कर रही है। यह मैं नहीं कह रहा हूं मरने और हत्या से पहले व्यापारी ने यह बात कही है। अभी तक एसएसपी खुलेआम घूम रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई और एसआईटी की एक रिपोर्ट भी वायरल हो रही है कि साहब वह तो हत्या नहीं आत्महत्या थी।इसी प्रकार खुशी दुबे का मामला है। खुद कानपुर के एसएसपी का बयान है कि खुशी घटना के समय हमीरपुर में थी तो हत्या की कोशिश डकैती हत्या समेत 17 गंभीर धाराओं का अपराध कैसे कर दिया ? एसएसपी ने 169 की रिपोर्ट भेजने और खुशी दुबे को रिहा कराने की बात कही थी।प्रेसवार्ता में प्रदेश सहप्रभारी ब्रजकुमारी सिंह, नदीम असरफ जायसी, प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह मक्कड़ मौजूद थे ।

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