कोरोना वायरस की दूसरी लहर से बचने के लिए कौन सा मास्क रहेगा फायदेमंद, WHO ने बताया…

 कोरोना वायरस की दूसरी लहर में मास्क न लगाने, बाहर घूमने और शारीरिक दूरी का पालन न करने से युवा सबसे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में दक्षिण अफ्रीकी और न्यू म्यूटेड स्ट्रेन से संक्रमण कई गुना बढ़ गया है।

ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में, डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी कि किस-किस तरह के लोगों को मेडिकल या सर्जिकल मास्क पहनना चाहिए। इसमें शामिल हैं स्वास्थ्यकर्मी, जिन लोगों में कोरोना के लक्षण हैं, जो लोग किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए हैं, जिन्हें कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

इससे कोरोना संक्रमित नए मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है। कोरोना की पहली लहर में लाकडाउन और अनलाक में 40 से 60 की उम्र की लोग ज्यादा संक्रमित हुए थे। 20 से कम उम्र के बच्चों की संख्या बहुत कम थी। मगर, इस बार 20 से 40 की उम्र के कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक है।

इस तरह के मास्क कोरोना की बीमारी आने के बाद ही तैयार हुए हैं। इससे पहले इनका नामोनिशान तक नहीं था। पिछले एक साल में इस तरह के मास्क एक बिजनेस के रूप में भी उभरे हैं।

ऐसे क्षेत्रों में जहां वायरस के बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा है और एक मीटर की सामाजिक दूरी को बनाए रखना मुश्किल है, वहां 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों और पुरानी बीमारियों से पीड़ितों को इस तरह का मास्क पहनना चाहिए।

 

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