ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान, प्रशासन ने इनके लिए दिलवाएं जबरन वोट

भोजपुर जिले के शाहपुर व तरारी विधानसभा के दो गांव के ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार किया है। ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगा रहे थे।

पटना: भोजपुर जिले के शाहपुर व तरारी विधानसभा के दो गांव के ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार किया है। ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगा रहे थे। वहीं औरंगाबाद के ओबरा विधानसभा क्षेत्र के चौरी पंचायत के बहादुरपुर मध्य विद्यालय में स्थित मतदान केंद्र संख्या 61 पर भी ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देते हुए वोट बहिष्कार किया। यहां चार घंटे बाद प्रशासन ने मतदान की प्रक्रिया जबरन शुरू कराया।  बताया गया है कि मतदान बहिष्कार का ऐलान करने के बाद प्रशासन ने जबरन जीविका दीदी से एक वोट पड़वा दिया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

पटना के पालीगंज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रथम चरण के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। इस विधानसभा क्षेत्र के मेरा-पतौना पंचायत के बहेरिया निरखपुर गांव स्थित बूथ संख्या 236 पर लोगों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान कर दिया। सुबह से मतदानकर्मी मतदाताओं के आने का इंतजार कर रहे थे। दो बजे तक जब कोई भी व्यक्ति वोट डालने के लिए नहीं आया, तो पीठासीन अधिकारी ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।

आक्रोशित ग्रामीणों ने बूथ को घेरना शुरू कर दिया. प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई। आक्रोशित ग्रामीण बूथ पर तैनात पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए बूथ में घुसते चले गए। पुलिस ने बल प्रयोग करना चाहा, तो ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस को खदेड़ने का प्रयास किया, हालांकि अतरिक्त पुलिसबल के साथ पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।

आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि जब उन लोगों द्वारा वोट बहिष्कार का ऐलान किया गया है, तो जीविका दीदी का वोट जबरन क्यों डलवाया गया। ग्रामीणों की मांग थी, कि जीविका दीदी का वोट रद्द किया जाए। वहीं नोडल पदाधिकारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

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