सुलतानपुर मे पंचायत परिणाम का 48 घंटो से इंतज़ार….

क्या है मामला क्यो नहीं हो पा रहा है परिणाम की घोषणा

दुबेपुर ब्लाक वार्ड नंबर 34 में पहले बताया सबसे ज्यादा मत पाने वाला प्रत्याशी बाद में बताया दूसरे नंबर का प्रत्याशी समर्थकों में आक्रोश व विरोधीयो के दबाव में किया गया हेरफेर,बहुत बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगा रहे प्रत्याशी,चार पांच घंटे तक विजेता दो प्रत्याशियों मे फसा जीत का पेच अनाउंसमेंट न होने की सूचना से मचा रहा हड़कम्प, अखिर कौन है? सही विजेता दोनो तरफ़ के समर्थकों मे आक्रोश,48 घन्टे बीत जाने के बाद भी नहीं आया नतीजा, रात दिन ब्लाक पर नतीजे का इंतजार कर रहे प्रत्याशी।

अब सुलतानपुर के वार्ड नम्बर-34 में प्रत्याशी के जीतने पर भी नही की जा रही परिणाम की घोषणा,अफसर कर रहे मनमानी,खेल करने की सम्भावना

सबसे आगे रहे प्रत्याशी त्रियुगी यादव ने मतगणना खत्म होने के काफी देर बाद भी प्रतिद्वंदियो के प्रेशर में चुनाव परिणाम न घोषित करने का लगाया आरोप,कई वार्डो के परिणाम में हेर-फेर करने के प्रयास का मामला आ चुका है सामने।

दूबेपुर के रिटर्निंग आफिसर व अन्य जिम्मेदार अफसरो की भूमिका मानी जा रही संदिग्ध

सुलतानपुर। दूबेपुर ब्लाक पर तैनात जिम्मेदार निर्वाचन विभाग के अफसरों पर लगा प्रेशर में मनमानी करने का आरोप, जिला पंचायत सदस्य वार्ड नं 34 से अपने प्रतिद्वंदियो से करीब 486 वोट से आगे होने के बावजूद उम्मीदवार त्रियुगी यादव के जीत की नही की जा रही घोषणा, आरोप के मुताबिक काफी देर पहले पूरी हो चुकी है मतगणना की प्रक्रिया।

मतगणना की प्रक्रिया खत्म होने के बाद भी आखिर क्यों नही की जा रही परिणाम की घोषणा, जिम्मेदार अफसरों के जरिये खेल कर दूसरी गणित लगाने का व्यक्त किया जा रहा सन्देह,निकटतम उम्मीदवार व उसके लिए अप्रत्यक्ष रुप से पैरवी कर रहे प्रभावशालियो के प्रेशर में जान बूझकर परिणाम न घोषित करने का लग रहा आरोप।

एसडीएम समेत अन्य जिम्मेदार अफसर नही दे रहे सटीक जवाब, आंख मूंद कर जिम्मेदार अफसर अपने अधीनस्थों की मनमानी करतूत को कर रहे नजरअंदाज,प्रदेश स्तर के अफसरों से शिकायत कर पीड़ित उम्मीदवार ने निष्पक्ष कार्यवाही कर सामने आए परिणाम को घोषित कराने को लेकर की मांग, जिम्मेदार अफसरों पर लगे आरोप ने निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के दावे को किया फेल,कल भी प्रत्याशी ममता यादव,रंजीत यादव,हंसराज यादव व सोनी सिंह समेत अन्य विजयी प्रत्याशियों के परिणाम को समय से घोषित न करने का मामला आया था सामने, मामला चर्चा में आने के बाद हरकत में आये जिम्मेदार अफसरों से घोषित किया था परिणाम।

अब वही कहानी शुरू हुई वार्ड नं 34 में, मतो की गिनती के मुताबिक सबसे आगे रहे प्रत्याशी त्रियुगी यादव के समर्थकों में जिम्मेदार अफसरों की कार्यशैली के चलते जाहिर हो रही नाराजगी,जिम्मेदारो की भूमिका पर उठा सवाल।

मीडिया के सावल अखिर क्या वज़ह हूई जो गणपतसह विद्यालय मे जब मतगणना हो रही थी तो दुबेपुर ब्लाक पर आने की वजह? ए आर ओ साहब का जावब जनरेटर किराए पर था समय खत्म हो गया था अगर एसा था तो प्रशासन ने पोख्ता इन्तज़ाम नहीं किया था क्या ? सावल तो कई

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