लखनऊ- यूपी सरकार ने 7 महीने का क्राइम डेटा किया जारी, 112 अपराधियों पर लगा रासुका…

लखनऊ- यूपी सरकार ने 7 महीने का क्राइम डेटा किया जारी, 112 अपराधियों पर लगा रासुका...

UP government released 7-month crime data 112 criminals Lucknow:- लखनऊ- यूपी सरकार ने 7 महीने का क्राइम डेटा किया जारी, 112 अपराधियों पर लगा रासुका…

UP government released 7-month crime data 112 criminals Lucknow:-

लखनऊ

उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते 7 महीनों का जारी किया क्राइम डाटा।

जारी आंकड़ों में डकैती लूट हत्या बलात्कार में आई भारी कमी।

गुंडे और माफियाओं के खिलाफ बीते साल से अधिक हुई कार्रवाई।

अब तक डकैती की 38 घटनाएं बीते साल की अपेक्षा 44.12 फ़ीसदी कम।

लूट की 792 घटनाएं, बीते साल की अपेक्षा 42.57 की कमी।

हत्या की 2032 घटनाएं बीते साल की अपेक्षा 7.80 की कमी।

बलात्कार के अब तक 1216 घटनाएं बीते साल की अपेक्षा 28.13 फीसदी की कमी।

अब तक गुंडा एक्ट में 17908 गैंगस्टर एक्ट में 2346 और रासुका के तहत 112 अपराधियों और माफियाओं पर की गई कार्रवाई।

क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून

  • रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित कानून है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 के तहत यह कानून केंद्र और राज्य सरकार को किसी भी संदिग्ध नागरिक को हिरासत में लेने की शक्ति देता है।
  • सरकार को अगर लगता है कि कोई व्यक्ति उन्हें देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों को करने से रोक रहा है या कानून-व्यवस्था में बाधा पहुंचा रहा है।
  • तो संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है।
  • इस कानून का इस्तेमाल जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकती है।

बिना आरोप के 12 महीनों तक जेल

  • रासुका के तहत किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीनों तक जेल में रखा जा सकता है।
  • साथ ही बिना आरोप तय किए उसे 10 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है।
  • हिरासत में लिया गया अभियुक्त उच्च न्यायालय के सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है,
  • लेकिन उसे मुकदमे के दौरान वकील की अनुमति नहीं है।

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