‘तू चल मैं आई’ की राह पर यूपी की सियासत; भाजपा में ताबड़तोड़ इस्तीफों का दौर जारी

लखनऊ। चुनाव से पहले दलबदल कोई नया रिवाज नहीं है लेकिन इस बार तो बड़े-बड़े विकेट गिर रहे हैं। वैसे तो सभी पार्टियों से नेताओं का जाना

लखनऊ। चुनाव से पहले दलबदल कोई नया रिवाज नहीं है लेकिन इस बार तो बड़े-बड़े विकेट गिर रहे हैं। वैसे तो सभी पार्टियों से नेताओं का जाना और सभी पार्टियों में नेताओं के आने का सिलसिला चल रहा है,मगर सबसे ज्यादा टूट भाजपा में ही देखने को मिल रही है।उत्तर प्रदेश की सियासत ‘तू चल मैं आई’ की राह पर चल रही है। भाजपा में ताबड़तोड़ इस्तीफों का दौर जारी है बीते दिनों स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह के साथ कई इस्तीफों के बाद अब फिरोजाबाद स्थित शिकोहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मुकेश वर्मा ने बागी सुर अख्तियार किए हैं।

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वर्मा ने गुरुवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद कहा ‘स्वामी प्रसाद मौर्य हमारे नेता हैं और वह जो भी फैसला करेंगे, हम उसका समर्थन करेंगे।’ वर्मा ने दावा किया कि आने वाले समय में और भी नेता उनके साथ आएंगे। आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने सरकारी आवास और सिक्योरिटी छोड़ दी है। बताया जाता है कि जल्द ही वह भी स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान की तरह मंत्री पद छोड़ सकते हैं। सैनी के भी सपा में जाने की चर्चा तेज है। उधर, विधायक विनय शाक्य ने भी इस्तीफा दे दिया है। हालांकि शाक्य ने एक दिन पहले ही इसका एलान कर दिया है।

एक ट्वीट में वर्मा ने कहा- भाजपा सरकार द्वारा 5 वर्ष के कार्यकाल में दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को कोई तवज्जो नहीं दी गई व दलित, पिछड़ों किसानों व बेरोजगारों की उपेक्षा की गई। इसकारण मैं भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ।

वर्मा ने बड़े समर्थन का दावा करते हुए कहा- ‘हमारे साथ 100 विधायक हैं और भाजपा को रोज इंजेक्शन लगेगा।’ उन्होंने कहा कि बीजेपी अगड़ों की पार्टी है और वहां दलितों और पिछड़ों का सम्मान नहीं है।  दावा किया कि पिछड़ों को टारगेट करके नौकरी नहीं लगने दी। वर्मा ने कहा ‘भाजपा दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ा विरोधी है।

1। स्वामी प्रसाद मौर्या-पडरौना, कुशीनगर

2। ब्रजेश प्रजापति-तिंदवारी, बांदा

3। रौशनलाल वर्मा-तिलहर, शाहजहांपुर

4। भगवती प्रसाद सागर-बिल्हौर, कानपुर

5। विनय शाक्य-बिधुना, औरैया

6। दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे-खलीलाबाद, संतकबीरनगर

7। माधुरी वर्मा-नानपारा, बहराइच

8। राकेश राठौड़-सीतापुर

9। दारा सिंह चौहान-मधुबन, मऊ

10। मुकेश वर्मा- शिकोहाबाद

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