‘ट्रैक्टर रैली’ के दौरान किसान नेता का बड़ा बयान, बोले- हम 2024 तक आंदोलन के लिए तैयार हैं…

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों (Farmers) के आंदोलन का आज (गुरुवार) 43वां दिन है।

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों (Farmers) के आंदोलन का आज (गुरुवार) 43वां दिन है। किसान आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चारों तरफ ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे हैं, जो कि सिंघु बॉर्डर से टिकरी, टिकरी से शाहजहांपुर, गाजीपुर से पलवल और पलवल से गाजीपुर तक निकाला जा रहा है। किसान इस मार्च में करीब 60 हजा ट्रैक्टर शामिल होने का दावा कर रहे हैं। वहीं किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस ने कुंडली-मानेसर-पलवल टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

राकेश टिकैत का बड़ा बयान

किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम सरकार को चेतावनी देने के लिए यह रैली निकाल रहे हैं। 26 जनवरी को हम ट्रैक्टर की परेड निकालेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हम मई, 2024 तक आंदोलन के लिए तैयार हैं।

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दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर डटे किसान अपने ट्रैक्टर को लेकर केएमपी एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे, जहां से किसानों की ट्रैक्टर रैली शुरू हो गयी है। किसानों (Farmers) का जत्था सिंघु बॉर्डर से पलवल की ओर निकल पड़ा है। इस रैली में सैकड़ों ट्रैक्टर के साथ हजारों किसान मौजूद हैं। वहीं, इस ट्रैक्टर रैली की वजह से 15 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई है।

Farmers
किसानों की ट्रैक्टर रैली

किसानों (Farmers) का कहना है कि सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानीं तो 26 जनवरी को भी ट्रैक्टर परेड होगी। आज की रैली उसी का ट्रेलर है। 26 जनवरी के लिए हरियाणा के किसान संगठनों ने हर गांव से 10 महिलाओं को दिल्ली बुलाया है। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड की अगुआई महिलाएं ही करेंगी, जिसके लिए हरियाणा की करीब 250 महिलाएं ट्रैक्टर चलाने की ट्रेनिंग ले रही हैं। उत्तर प्रदेश के किसानों ने भी यही अपील की है।

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बता दें कि किसानों और सरकार के बीच 4 जनवरी की बैठक बेनतीजा रही और अगली बैठक के लिए 8 जनवरी की तारीख तय की गई। शुक्रवार को होने वाली बैठक में कृषि कानूनों को वापस लेने और MSP पर अलग कानून बनाने की मांग पर बात होगी। इससे पहले कई दौरे की बैठक में किसानों की दो मांगों पर सहमति बन पाई, बाकी सभी बैठकें बेनतीजा रहीं।

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