मथुरा : इंटरलॉकिंग खरंजे के नाली निर्माण में लगाई जा रही घटिया सामग्री

देश के प्रधानमंत्री भले ही ना खाऊंगा ,ना खाने दूँगा का नारा देते हो ,लेकिन जमीनी हकीक़त इन सब से परे है। खरंजा निर्माण में प्रयोग की जा रही घटिया सामग्री को देख लोग आग बबूला हो गए और इंटरलॉकिंग खरंजे के नाली निर्माण में लगाई जा रही खस्ता सामग्री को देख ग्रामीणों ने नाली निर्माण कार्य रुकवा दिया और ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

Substandard material  :देश के प्रधानमंत्री भले ही ना खाऊंगा ,ना खाने दूँगा का नारा देते हो ,लेकिन जमीनी हकीक़त इन सब से परे है। खरंजा निर्माण में प्रयोग की जा रही घटिया सामग्री (Substandard material ) को देख लोग आग बबूला हो गए और इंटरलॉकिंग खरंजे के नाली निर्माण में लगाई जा रही खस्ता सामग्री को देख ग्रामीणों ने नाली निर्माण कार्य रुकवा दिया और ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ भ्रष्टाचारियों पर नकेल लगाने की पूरी तरह से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के द्वारा अपने मनचाहे ठेकेदारों को सड़क और नाली निर्माण का टेंडर देते हैं और यह ठेकेदार सड़क और नाली निर्माण में भ्रष्टाचार की ईट लगाने से बाज नहीं आते।

थाना हाईवे क्षेत्र के गांव महोली  नंबर 37 में सांसद निधि से इंटरलॉकिंग खरंजा का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इंटरलॉकिंग खरंजा निर्माण कार्य से पूर्व नालियों को बनाया जा रहा है ताकि पानी निकासी आसानी से हो सके।

ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है

नाली निर्माण पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। नाली निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग ठेकेदार और अधिकारीयों की मिली भगत से चल रहा हैं जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।  ग्रामीणों ने नाली निर्माण कार्य को रुकवा दिया है ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं।

नाली के कार्य को रुकवा दिया है

स्थानीय नागरिक लाल चंद और लोकमन ने बताया कि नाली निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही है। नाली निर्माण में सामग्री लगाई जा रही है मानकों के विपरीत है। नाली के कार्य को रुकवा दिया है। मानकों के अनुरूप कार्य नहीं होगा हम लोग यहां कार्य नहीं होने देंगे।

वही युवा छीतर ने बताया कि ठेकेदार नेत्रपाल सिंह से कई बार आग्रह किया गया है कि मानकों के अनुरूप कार्य किया जाए, लेकिन ठेकेदार सुनता नहीं है और इसी सामग्री को नाली निर्माण में लगाने की बात कहता है। उन्होंने यह भी बताया कि ठेकेदार का कहना है अगर दो पैसे मुझे नहीं मिलेंगे तो मैं अपने बच्चों को कैसे पालूंगा और सारी सामग्री मानकों के अनुरूप लगा दूँगा तो मुझे सड़क पर आना पड़ेगा। नीचे से लेकर ऊपर तक सभी को कमीशन देना पड़ता है यह भी ठेकेदार नेत्रपाल ने कहा।

रिपोर्ट – शुभम चौधरी

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