सहारनपुर: स्टोन क्रेशर स्वामियों ने सूर्य प्रताप शाही को सौंपा ज्ञापन

सहारनपुर स्टोन क्रेशर स्वामियों ने सहारनपुर के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही से मिलकर स्टोन क्रेशर उद्योग के सामने खनन माफियाओं ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

सहारनपुर स्टोन क्रेशर स्वामियों ने सहारनपुर के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही से मिलकर स्टोन क्रेशर उद्योग के सामने खनन माफियाओं ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। जिससे इस उद्योग से जुड़े लोगों के सामने जीवन यापन का सवाल खड़ा हो गया है।

मंत्री शाही को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि सहारनपुर में 85 स्टोन क्रेशरसे प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से 19 हज़ार लोग जुड़े हैं। हरियाणा राज्य के जनपद यमुनानगर एवम। उत्तराखण्ड राज्य के हरिद्वार जनपद से आने वाले अवैध खनन एवम फ़र्ज़ी ( ISTP) परिवहन प्रपत्र द्वारा हो रहे खनन परिवहन की वजह से स्टोन क्रेशर बन्दी के कगार पर पहुंच गया है। हरियाणा एवम उत्तराखण्ड राज्य से आ रही खनन सामग्री की जनपद सहारनपुर में प्रवेश मार्गो पर उचित जांच नही होने से ऐसा हो रहा है।

शासन द्वारा अन्य राज्यों से खनन सामग्री के प्रवेश करने पर 50 रुपये प्रति गहन मीटर के उपकर लगाया गया है तथा प्रत्येक सीमावर्ती जनपद में चेकगेट लगाने के आदेश किये गए हैं। जिसे अन्य राज्यो के खनन माफिया अवैध खनन एवम कूटरचित प्रपत्रों के माध्यम से खनन सामग्री प्रदेश में भेजकर राज्य सरकार के राजस्व को क्षति ट्ठाजनपड सहारनपुर के थानीय स्टोन क्रेशर उद्योग को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसमे स्थानीय प्रशासन का उदासीन रवैया भी प्रमुख कारण वना हुआ है। जनपद सहारनपुर के विगत वर्ष में 75 करोड़ रुपये के खनन राजस्व प्राप्त हुआ था जवकि अधिकारियों का यही रवैया रहा तो खनन राजस्व को अगले वर्ष में भारी क्षति होगी ।

इतना ही नही स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्टोन क्रेशर स्वामियों को बेवजह परेशान किया जाता है, उनके ऊपर झूठे मुकद्दमे दर्ज किए जाते हैं तथा जनपद में आने वाले खनन वाहनों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जिससे खनन परिवहन करने वाले अन्य राज्यों से खनन सामग्री लाना धिक आसान समझते हैं। शासन की नियमावली की अनियमितताओं की सज़ा ज़िला प्रशासन द्वारा स्टोन क्रेशर स्वामियों को दी जाती है।

यथा प्रदेश में अवैध खनन तथ ओवर लोडिंग के लिए जुर्माना का प्रावधान है जबकि ज़िला प्रशासन द्वारा यदि किसी वाहन में सामग्री थोड़ी भी अतिरिक्त हो जाती है तो वाहन चालक, वाहन सामग्री, स्टोन क्रेशर स्वामी, खनन पट्टाधारक सब पर मुकद्दमे दर्ज किये जाते हैं। कुछ मामलों में क्रेशर के भंडारण लायसेंस को निलंबित कर क्रेशर स्वामी का उत्पीडन किया जा रहा है।

यदि अन्य राज्यों में कोई गाड़ी गलत खनन परिवहन करते पकड़ी जाती है तो उस पर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना किया जाता है, यदि जनपद सहारनपुर में स्टोन क्रशर उद्योग की गाड़ी पकड़ी जाती है तो गाड़ी पर लाखों रुपये रोये का जुर्माणा तथा क्रेशर स्वामी पर 5 लाख रुपये जुर्माना तथा भंडारण निलम्बन किया जाता है। उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि कहीं ये सब कुछ हरियाणा के खनन उद्योग को फायदा पहुंचाने के लिए तो नही किया जा रहा है? उन्होंने उल्लेखित किया है कि दिनाक 16 जुलाई 2021 को खनन निदेशालय ने अपने पत्र द्वारा अवगत कराया था कि हरियाणा राज्य में अन्य राज्यों से फ़र्ज़ी खरीद दिखाकर उससे परिवहन प्रपत्र कूटरचित कर खनन सामग्री जनपद सहारनपुर के प्रवेश मार्ग द्वारा भेजी जा रही है, जो कि अवैध है और इसे अन्य जनपदों में भेजी जा रही है, तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

परंतु सहारनपुर ज़िला प्रशासन की उदासीनता से 31 जुलाई 2021 तक हरियाणा राज्य के प्रवेश मार्गो पर कोई कार्यवाही या जांच टीम स्थापित नही की गई है। उपरोक्त तथ्यों से प्रतीत होता है कि सहारनपुर के अधिकारीगण जनपद सहारनपुर में हरियाणा से आने वाले खनन पर कृपा और स्टोन क्रेशर उद्योग पर सख्ती किसी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए कर रहे हैं। जिसकी जांच कराकर दण्डात्मक कार्यवाही आवश्यक है अन्यथा की स्थिति में जनपद सहारनपुर के स्टोन क्रेशर उद्योग का चौपट होना तय है। उक्त लिखित ज्ञापन शाही को जनपद सहारनपुर के स्टोन क्रेशर स्वामियों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें मिलकर दिया है जिस पर उनके स्तर से अपेक्षित सहयोग का आश्वासन श्री शाही द्वारा उन्हें दिए जाने की भी जानकारी मिली है।

रिपोर्ट- राहुल भारद्वाज

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