दस वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे काशीराम आवास कॉलोनी अलीगंज के बाशिंदे

2022 विधानसभा चुनाव का मूलभुत सुविधाएं न होने पर किया बहिष्कार सरकारी आवास में अवैध कब्जेदारों से परेशान हैं वाशिंदे.

बसपा शासन की महत्वाकांक्षी योजना कांशीराम आवास योजना के लाभार्थी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बिजली, पानी के साथ साफ सफाई व्यवस्था के प्रति पालिका उदासीन नजर आ रहा है। ऐसे में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले शहरी गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बसपा शासन में मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना की शुरू की गई थी। अलीगंज क्षेत्र में काशीराम आवास कॉलोनी में तकरीबन 504 आवास है जिसमें 400 से अधिक वोट हैं।

कांशीराम आवासीय के बाशिंदों का कहना है कि 10 वर्षों से लाइट की समस्या बनी हुई है और पानी की टंकियां तो शो पीस बनी हुई हैं जिसके बारे में हम सभी ने मिलकर कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भी दिए हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन मिला है समस्या का समाधान नहीं समस्या ज्यों की त्यों है।

वहीं काशीराम के बाशिंदों को आज तक ना तो कोई मूलभूत सुविधाओं का कोई भी लाभ नहीं मिला है। कॉलोनी में सफाई कार्य हेतु सफाई कर्मचारी ही नहीं आया है। इसके चलते कालोनी में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कालोनी के बाशिंदों को सफाई कराने के लिए खुद ही चंदा करके पैसा देना पड़ रहा है।

सुरक्षा की दृष्टि से भी कोई व्यवस्था नहीं है। वही आए दिन अराजक तत्व कॉलोनी में आकर बाशिंदों को परेशान करते हैं इतना ही नहीं मां बहन बेटियों को असभ्य निगाहों से देख कर उनको परेशान करते हैं तथा अपशब्द का प्रयोग करते हैं। इतना ही नहीं है शाम को 6:00 बजे के बाद कॉलोनी शराब और जुआ का अड्डा बन जाती है।

बाहर के कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से आवास के गैर आवंटित अपने कब्जे में ले लिए हैं ।इतना ही नहीं पूर्व की सपा और भाजपा सरकार में भी इनकी कोई सुनावाई नहीं हो सकी ।जिसके चलते इस बार कॉलोनी वासियों ने चुनाव का बहिष्कार किया है कि जब तक हमें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेगी हम अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। मूलभूत सुविधाएं नहीं तो वोट नहीं।

बाइट- स्थानीय निवासी

बाइट-स्थानीय निवासी

बाइट- स्थानीय निवासी

 

रिपोर्ट- विकास दुबे

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