खुशखबरी: 15 हजार से कम सैलरी वालों के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, जल्द करें ये काम…

कम आय पाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मोदी सरकार ने 15 हजार रुपये से कम सैलरी पाने वाले लोगों के लिए एक तोहफा दिया है।

कम आय पाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मोदी सरकार ने 15 हजार रुपये से कम सैलरी (Salary) पाने वाले लोगों के लिए एक तोहफा दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। ‘आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना’ (एबीआरवाई) के तहत कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार ने कहा है कि इस योजना के तहत 1 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 चत कंपनियों और अन्य इकाईयों द्वारा रखे जाने वाले नए कर्मचारियों के लिए दो साल तक रिटायरमेंट फंड में अंशदान देगी।

कैबिनेट बैठक में सरकार ने दी योजना को मंजूरी

सरकार की तरफ से यह फंड कर्मचारी और नियोक्ता की तरफ से होगा। इसका मतलब यह है कि तय अवधि के बीच कम सैलरी (Salary) पर नई नियुक्ति पर सरकार अब कर्मचारी का 12 फीसदी और नियोक्ता का 12 फीसदी भविष्य निधि कोष (ईपीएफ) का बोझ खुद उठाएगी।

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बुधवार को आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार इस योजना पर 22,810 करोड़ रुपये खर्च करेगी और इस योजना से 58 लाख से ज्‍यादा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

सैलरी (Salary) में कर्मचारियों को म‍िलेगा लाभ

आपको बता दें कि इस योजना का फायदा वही कर्मचारी उठा सकेंगे, जिसकी सैलरी (Salary) महीना 15 हजार से कम है। साथ ही उन कर्मचारियों को जो 1 अक्टूबर 2020 से पहले किसी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से संबंध संस्थान में नौकरी नहीं कर रहे थे और कर्मचारियों के पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) न हो। अगर कर्मचारी के पास UAN नंबर है और वह 15 हजार से कम सैलरी उठाता है तो उसे भी इसका लाभ मिलेगा।

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15 हजार से कम सैलरी (Salary) वाले कर्मचारियों को होगा फायदा

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के मुताबिक, अगर 30 जून से 30 सितंबर के बीच कोरोनाकाल की वजह से किसी की नौकरी चली गई हो तो उसे भी इसका लाभ मिल सकेगा। सरकार के अनुसार, 1,000 लोगों तक नए रोजगार देने वाली कंपनियों के दोनों हिस्सों का खर्च वह खुद उठाएगी, जबकि, 1,000 से अधिक लोगों को नए रोजगार देने वाली कंपनियों को हर कर्मचारी के 12 फीसदी का अंशदान का बोझ दो साल तक के लिए उठाएगी।

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