यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी धर्मांतरण का गिरोह चलाने के आरोप में किया गया गिरफ्तार

यूपी एटीएस ने धर्मांतरण का गिरोह चलाने वाले एक बड़े रैकेट का किया पर्दाफास, बड़े पैमाने पर विदेश से होती थी फंडिंग

यूपी के मुजफ्फरनगर से यूपी एटीएस (आतंकवाद रोधी दस्ता) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर से धर्मांतरण का एक बड़ा गिरोह चालने वाले एक मदरसाछाप मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। यूपी पुलिस ने यह जानकारी दी कि मौलाना कलीम यूपी का सबसे बड़ा धर्मांतरण रैकेट का कर्ता धर्ता था।

आरोपी मौलाना जामिया इमाम वलीउल्लाह नाम के ट्रस्ट का मालिक था। यह ट्रस्ट कई मदरसों को फंडिंग करता था। पुरे यूपी के कई मदरसों के तार इस ट्रस्ट से जुड़े हुए थे। बड़ी मात्रा में विदेशी फंडिंग इस ट्रस्ट के जरिये तमाम मदरसों तक पहुँचती थी। आरोपी मौलाना एक विश्व स्तरीय इस्लामिक संस्था ग्लोबल पीस सेंटर का अध्यक्ष भी है।

यूपी एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने मामले को लेकर अपने बयान में बताया कि जांच में पाया गया कि मौलाना कलीम सिद्दिकी अवैध तरीके से व बलपूर्वक धर्मांतरण कराता था। बड़े पैमाने पर चल रहे इस धर्मांतरण के आगोश में कई प्रकार के शौक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थान आ गए थे। यह रैकेट पुरे देश में फैला हुआ था। विदेशों से फंडिंग होने से कभी इसे आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता था।

यूपी में धर्मांतरण पर पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

यूपी एटीएस ने पिछले माह जून में अवैध धर्मांतरण गिरोह को चलाने वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले के विषय में तत्काल मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में मुकदमे में आरोपी उमर गौतम और इसके साथियों को ब्रिटेन की एक संस्था द्वारा फंडिंग की जा रही थी। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि लगभग 57 करोड़ रुपयों का लेनदेन धर्मांतरण के लिए किया गया था जिसके खर्चे का ब्योरा अभियुक्तगण नहीं दे पाए।

मौलाना कलीम सिद्दीकी संदिग्ध गतिविधियां में लिप्त था। यूपी एटीएस लगातार इस पर नजर रख रही थी। एटीएस के महानिरीक्षक (आईजी) डॉ.जी.के गोस्वामी के मुताबिक मौलाना को यूपी के मेरठ से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी देर रात बुधवार को हुई।

परिवार के हंगामे के बीच हुई मौलाना की गिरफ्तारी

मौलाना कलीम सिद्दीकी की उम्र 64 वर्ष है। वह मंगलवार शाम को सात बजे कई मौलानाओं के साथ मेरठ की एक मस्जिद के इमाम शारिक के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में आया था। तकरीबन रात नौ बजे इशा की नमाज पढ़ी।

उसके बाद वह अपने साथियों के साथ कार से रवाना हो गया। परिजनों ने मौलाना से संपर्क साधने की कोशिस की लेकिन बात नही हो सकी। इसके बाद परिजनों ने मेरठ के इमाम शारिक को इस बात की सुचना दी।

मौलाना के सम्बन्धियों और उसके परिवार के लोगों ने संभावित जगहों पर मौलाना की तलाश की लेकिन कलीम की कोई जानकारी नहीं मिली। मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने पर धीरे धीरे लोगों की भीड़ इक्क्ठा हो गयी।

देर रात तक मौलाना के परिजनों ने हंगामा मचाया रखा। कुछ देर बाद स्थानीय पुलिस को सुचना दी गयी कि मौलाना को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। यूपी एटीएस की नजर लगातार मौलाना पर थी। इस तरीके से यूपी एटीएस ने धर्मांतरण का गिरोह चलाने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफास किया।

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