शनिदेव को ऐसे करें प्रसन्न, शनिवार को करें ये उपाय

आज साल 2021 के जुलाई महीने का तीसरा शनिवार है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव का होता है।

आज साल 2021 के जुलाई महीने का तीसरा शनिवार है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव का होता है। शास्त्रों में शनिदेव को न्याय के साथ-साथ भाग्य का देवता भी कहा गया है। मान्यता के मुताबिक नाराज होने पर शनिदेव राजा को रंक बना देते हैं तो खुश होने पर अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाते हैं और उनका कल्याण करते हैं।

मान्यता के मुताबिक शनि तीस साल में सभी बारह राशियों पर भ्रमण कर पाते हैं। इसी वजह से इन्हें भाग्य देवता भी कहा जाता है। मान्यता के मुताबिक शनि देव ऐसे जातक पर अत्यंत प्रसन्न होते हैं जो धैर्यवान और सहज रहते हैं। ऐसे लोगों को शनिदेव सफलता के शिखर पर पहुंचा देते हैं।

शनिदेव मंत्र (Shani Dev Mantra)

तांत्रिक मंत्र- ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः।

वैदिक मंत्र- ऊँ शन्नो देवीरभिष्टडआपो भवन्तुपीतये।

एकाक्षरी मंत्र- ऊँ शं शनैश्चाराय नमः।

गायत्री मंत्र- ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्।।

शनि देव को खुश करना आसान नहीं हैं। लेकिन सच्ची निष्ठा और पवित्र ह्रदय से किए गए काम से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहें हैं जिनसे आप शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं। शनिदेव के प्रसन्न होने पर आपके जीवन के हर दुख का अंत हो जाएगा।

शनिदेव को ऐसे करें प्रसन्न (Shaniwar Ke Upay)

शनिदेव को पश्चिम दिशा का स्वामी माना गया है। इस लिए इनकी पूजा करते समय या शनि मंत्रों का जाप करते समय व्‍यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। शनिदेव की पूजा करते समय साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। शनिदेव की पूजा में काले या नीले रंग की वस्‍तुओं का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। साथ ही शनिदेव को नीले फूल चढ़ाने चाहिए। लेकिन याद रखें कि शनि की पूजा में लाल रंग का कुछ भी न चढ़ाएं। चाहे लाल कपड़े हों, लाल फल या फिर लाल फूल ही क्‍यों न हों। इसकी वजह यह है कि लाल रंग और इससे संबंधित चीजें मंगल ग्रह से संबंधित हैं। मंगल ग्रह को भी शनि का शत्रु माना जाता है।

शनिवार को करें ये उपाय (Shaniwar Ke Totke)

– शनिवार को तेल से बने पदार्थ भिखारी को खिलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

– शाम को अपने घर में गूगुल का धूप जलाएं।

– भिखारियों को काले उड़द का दान करें।

– जल में काले उड़द को प्रवाहित करें।

– शनिवार को सुंदरकांड का पाठ सर्वश्रेष्ठ फल प्रदान करता है।

– चींटियों को गोरज मुहूर्त में तिल चौली डालें।

– शनिवार के दिन उड़द, तिल, तेल, गुड़ का लड्डू बना लें और जहां हल न चला हो वहां गाड़ दें।

– शनिवार की रात में रक्त चन्दन से ’ऊं ह्वीं को भोजपत्र पर लिख कर नित्य पूजा करने से अपार विद्या, बुद्धि की प्राप्ति होती है।

– शनिवार को काले कुत्ते, काली गाय को रोटी और काली चिड़िया को दाने डालने से जीवन की रूकावटें दूर होती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button