लखनऊ : पैसे के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, 1 हफ्ते बाद नहर किनारे से बरामद हुई लाश 

2 हत्यारोपी गिरफ्तार एक अन्य की तलाश जारी, बाराबंकी ज़िले में बांके से हमला कर उतारा मौत के घाट
1 हफ्ते बाद नहर किनारे से बरामद हुई लाश
लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर यासीन उर्फ मुन्ना हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. हत्यारों की निशानदेही पर बाराबंकी नहर से यासीन का शव बरामद हुआ है. आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि हत्या पैसे के विवाद में की गई.

मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित महबुल्लापुर के रहने वाले यासीन उर्फ मुन्ना का शव बीती देर रात पुलिस ने बाराबंकी नहर से बरामद कर लिया है . इस वारदात को अंजाम देने वाले 2 आरोपियों समरजीत सिंह और आदित्य सोनकर को भी गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया है. हत्या के पीछे की वजह 3 लाख रुपये उधार देना बताया गया है. मृतक प्रॉपर्टी का काम करता था. आरोपी समरजीत सिंह ने मृतक यासीन से 3 लाख रुपये उधार लिए थे.

इस रकम को वापस न करने के लिए यासीन को मौत की नींद सुला दी थी. इस घटना में उसका साथ आदित्य सोनकर व राजू राजपूत ने दिया था. मृतक 3 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी उसकी पत्नी मेहरून्निसा ने दर्ज करवाई थी. पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना में इस्तेमाल हुई स्कूटी और बांका भी बरामद कर लिया है. पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई करने में जुट गई है.

5 जनवरी को यासीन उर्फ मुन्ना की पत्नी मेहरून्निसा ने मड़ियांव थाने में अपने पति की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी. 3 जनवरी को मृतक अपनी स्कूटी से फैजाबाद प्लाट दिखाने की बात कह कर निकले था, लेकिन वापस नहीं आए. पुलिस ने मेहरुन्निसा की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया था, जिसके बाद ही यासीन की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी. सर्विलांस टीम व मड़ियांव टीम के द्वारा सीडीआर के अवलोकन व मुखबिर सूचना तंत्र को जोर दिया था. इसी बीच मुखबिर की सूचना के आधार पर 2 संदिग्ध समरजीत सिंह विकास नगर निवासी और आदित्य सोनकर विकास नगर निवासी को हिरासत में लिया गया था.

हिरासत में लिए गए दोनों से पुलिस ने पूछताछ की जिसमें समरजीत सिंह ने हत्या कर शव को ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की आरोपी समरजीत सिंह ने बताया कि यासीन उर्फ मुन्ना से उसका काफी घनिष्ठ संबंध था. साथ में जमीन खरीदने व बेचने का काम दोनों लोग करते थे. यासीन से उसने 3 लाख रुपया उधार लिया था. डेढ़ लाख रुपया यासीन को वापस कर दिया गया था. शेष बचा डेढ़ लाख रुपया यासीन उससे तकादा करता रहता था. कई बार यासीन ने सार्वजनिक रूप से उसकी बेज्जती भी की थी, जिससे उसे गुस्सा आ गया और उसने यासीन को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया था. आरोपी ने अपने साथी आदित्य सोनकर व साथी राज राजपूत को प्लान बताकर अपने साथ शामिल किया था.

आरोपी ने आदित्य सोनकर को 1 दिन पहले लेकर बाराबंकी पहुंचा और नहर किनारे जाकर उपयुक्त जगह देख कर आया था. उसके अगले दिन 3 जनवरी को उसने यासीन को फोन कर पैसे देने और जमीन दिखाने के लिए बाराबंकी चलने को कहा था. इस पर यासीन अपनी स्कूटी से टेढ़ी पुलिया पर आया था, जिसके बाद दोनों लोग स्कूटी से चले गए थे. उसका साथी आदित्य सोनकर व राज राजपूत को अपनी मोटरसाइकिल सुपर स्प्लेंडर से साथ चलने का इशारा किया था. आरोपी ने पहले से ही अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के सीट के नीचे एक बांका छुपा कर रखा हुआ था.

लखनऊ से बाराबंकी पहुंचने और जमीन दिखाने के बहाने पहले से देखे हुए स्थान पर नहर के किनारे यासीन को यह लोग लेकर पहुंचे थे. वहीं मौका देखकर तुरंत ही तीनों ने यासीन को दबोच लिया और सीट के नीचे से तुरंत बांका निकालकर यासीन के गले पर वार कर दिया. इसके बाद उसके शव को नहर में ढकेल दिया. इतना ही नहीं स्कूटी और बांका को भी नहर में डाल दिया गया था.एडीसीपी नार्थ प्राची सिंह की मानें तो इस हत्या का खुलासा करते हुए 2 आरोपियों समरजीत सिंह और आदित्य सोनकर को गिरफ्तार किया गया है. इस वारदात में शामिल एक आरोपी राज राजपूत अभी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है.
उन्होंने कहा 10 जनवरी की रात को आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने आरोपियों द्वारा बताए गए स्थान शारदा सहायक नहर ग्राम पीठापूर थाना बदोसराय बाराबंकी से मृतक यासीन की स्कूटी व हत्या में इस्तेमाल बांका बरामद किया है. स्थानीय ग्रामीणों की मदद से नहर में घटनास्थल से कुछ दूर पर मृतक यासीन का शव भी बरामद कर लिया गया है. शव की पहचान मृतक के बेटे मोहम्मद आसिफ द्वारा किया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.

रिपोर्ट :- शिवा शर्मा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button