बिहार विधानसभा चुनाव 2020: चुनाव के मैदान में अकेले LJP, क्या हल्के में ले रही है महागठबंधन? जानें वजह

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले सभी पार्टियां प्रचार में पूरी ताकत झोंक रही है। जेडीयू-भाजपा के सामने जहां अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है,

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले सभी पार्टियां प्रचार में पूरी ताकत झोंक रही है। जेडीयू-भाजपा के सामने जहां अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है, वहीं आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन इस बार सत्ता की दहलीज तक पहुंचना चाहता है। लेकिन इस पूरे चुनाव प्रचार में सबकी नजर लोक जनशक्ति पार्टी और आरएलएसपी पर है।

लोकजनशक्ति पार्टी अकेले चुनाव मैदान में हैं। ‘असंभव नीतीश’ के नारे के साथ लोजपा ने जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार भी खड़े किए हैं। पहले चरण के लिए 71 सीट पर होने वाले चुनाव में जेडीयू 35 पर चुनाव लड़ रही है। जबकि आरजेडी 42 सीट पर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में जेडीयू और आरजेडी का करीब दो दर्जन सीट पर सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है।

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पहले चरण में कांग्रेस 21 सीट पर चुनाव लड़ रही है, पर जेडीयू के साथ उसका सीधा मुकाबला सिर्फ सात सीट पर है। इनमें से कई सीट पर लोजपा ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में महागठबंधन की रणनीति लोजपा उम्मीदवार के प्रदर्शन पर टिकी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन सीटों पर भाजपा का वोट लोजपा को मिलता है तो लड़ाई आसान हो जाएगी। पर भाजपा जिस अक्रामकता से चुनाव लड़ रही है, उसकी उम्मीद कम है।

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ऐसे में यह आकलन करना अभी मुश्किल है कि लोजपा सत्ता विरोधी वोट में सेंध लगाती है, या सत्ता समर्थक वोट काटती है। आरएलएसपी और दूसरी छोटी पार्टियों के प्रदर्शन का आकलन भी शुरुआती तौर पर करना मुश्किल है। बिहार चुनाव से जुड़े कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि हम सभी आंकड़ो का अध्ययन कर बिहार विधानसभा चुनाव रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।

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