अधिवक्ता की भूमि पर भू -माफियाओं नें फर्जी बैनामा कराकर कराया दाखिल ख़ारिज,पीड़ित ने लगाई गुहार

तहसील व रजिस्ट्री विभाग में फर्जी बैनामा कराकर दाखिल खारिज का चल रहा है खेल, पीड़ित अधिवक्ता की अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व से की जाँच की माँग, अपरजिलाधिकारी राजस्व ने दिए जाँच के आदेश

प्रयागराज सदर तहसील (tahsil) में एक ऐसा प्रकरण सामने आया है जो कि राजापुर क्षेत्र के लेखपाल व नायब तहसीलदार सदर की मिली भगत के चलते जमीन का मालिकाना हक ही बदल दिया गया।

जिसमें सब रजिस्ट्रार कानूनगो जगदेव चौरसिया की भूमिका भी पूरी तरह से संदिग्ध है, जबकि उसी जमीन के वास्तविक मालिक अधिवक्ता के पुत्र पत्रकार अरुण सोनकर की पैरवी की वजह से वर्ष 2008 में पन्द्रह लाख की विरोधियों ने हत्या की सुपारी दे दी थी। उस मामले में विरोधियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत होने पर जाँच कर तत्कालीन सीओ सिविल लाइन एस. डी. शुक्ला द्वारा जाँच में सत्यता सिद्ध होनें पर चार्जशीट लगाई गई है।

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प्रयागराज शहर के कैण्ट थानान्तर्गत राजापुर क्षेत्र के नेवादा में सदर तहसील (tahsil)  के राजापुर हल्का लेखपाल विनोद कुमार व नायब तहसीलदार अजय कुमार की मिलीभगत से करोड़ों रूपए की जमीन का विरोधियों से मोटी रकम ले करके अवैध तरीके से दाखिल खारिज कर दिया गया।

वहां पर तैनात रहे अधिकारियों के आँख में धूल डालकर किस तरह वास्तविक मालिक को किनारे करके दूसरे लोगों के नाम कर दी गई जमीन ।जबकि उसी जमीन पर वास्तविक मालिक आपत्तिकर्ता वर्ष 1986 में जमीन खरीदने के बाद अपने परिवार के साथ उसके कुछ भाग में घर बनवाकर रह रहा है बाकी सारी जमीन को चारों तरफ से बाउंड्री भी करा रखा है,

तहसील में सक्रिय कुछ ठग सदर तहसील (tahsil)  में किसी की भी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री पुरानी तैयार करके नायब व लेखपाल की मिली भगत से दाखिल खारिज करा लेते हैं। जिसकी इनको मोटी रकम मिलती है ऐसे भ्रष्ट नायब सदर को पदोन्नति देकर रायबरेली भेजा जा रहा है जानें से पहले इसी बड़े काम को अवैध तरीके से अंजाम देने के लिए था ।

उस फर्जी रजिस्ट्री पन्नालाल बनाम छोटेलाल की जाँच कराई जाय तो निश्चित ही बड़ा चौंकानें वाले राज का खुलासा होगा । जिसमें जमीन के असली खरीदार अधिवक्ता अनिल सोनकर द्वारा एसडीएम सदर के यहाँ आपत्ति भी लगाई गई है ।

स्व.हरिलाल का पुत्र अनिल कुमार उर्फ खूँटी पहलवान जोकि अपराधी प्रवृत्ति का व भू – माफिया है। शहर के नामचीन भू माफियाओं, अपराधियों के साथ घूमता है उसके खिलाफ कैण्ट थाने में कई संगीन धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत है।

उसके द्वारा उक्त जमीन की कई अलग – अलग लोगों से ठगी करके फर्जी रजिस्ट्री भी की गई है, जो वास्तविक जमीन मालिक के आपत्ति पर खारिज भी हुई हैं ।

इसके बावजूद खूँटी पहलवान ने सुनियोजित तरीके से काफी पुराना फर्जी कागज किसी पन्नालाल जो सेवसा गाँव तहसील मंझनपुर जिला कौशाम्बी का रहने वाला दर्शाया गया है, के नाम से तैयार कर राजापुर क्षेत्र का लेखपाल विनोद कुमार व नायब तहसीलदार सदर प्रयागराज अजय कुमार की मिली भगत से लाखों रुपए लेकर करोड़ों की जमीन को फर्जी बैनामे पर साजिश के तहत बिना आपत्तिकर्ता के पक्ष को सुने जालसाजों के पक्ष में ऑर्डर कर दिया है। जबकि वास्तविक पन्नालाल से मिलने पर पता चला कि उनको इसकी जानकारी भी नहीं हैं,

पीड़ित की माँग पर 22जनवरी को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रयागराज ने एसडीएम सदर को जाँच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा है, तहसील/रजिस्ट्री विभाग में जाँच कराएं तो ऐसे बहुत से चौंकने वाले खुलासे हो सकते हैं। अनेकों फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा हो सकता है। *रजिस्ट्री विभाग में फर्जीवाड़ा हुआ है।

क्योंकि अपराधी खूँटी पहलवान के ही परिवार नें फर्जी बैनामा व दाखिल ख़ारिज होनें की जानकारी मिलने पर इसके खिलाफ स्व. रामप्रसाद के पुत्र फूलचन्द्र व ननकऊ नें उपजिलाधिकारी सदर के यहाँ अपील दाखिल की है, उसी परिवार के अन्य तीन लोग पूरन पुत्र स्व. रामप्रसाद, सुखराम पुत्र स्व. छोटेलाल व रामानन्द पुत्र स्व. हरिलाल नें तहसीलदार सदर के यहाँ रेस्टोरेशन भी दाखिल किया है जिसमें अग्रिम कार्यवाही हेतु तारीख लगी है।

पीड़ित अधिवक्ता के पुत्र मान्यता प्राप्त पत्रकार अरूण कुमार सोनकर की हत्या करने की पन्द्रह लाख की सुपारी वर्ष 2008 में दी गई थी। आज भी पत्रकार को जान का खतरा बना रहता है क्योंकि छुटभैये से लेकर जिले का कोई भी भू- माफिया अपराधी बचा नहीं है जिसने जमीन को अवैध तरीके से हथियाने के लिए पुरजोर कोशिश न की हो डराया धमकाया न हो, आज भी दबाव बनाने के लिए बराबर मानसिक प्रतारणाएँ दी जा रही है …?

 

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