महापंचायत में बोले जयंत चौधरी- सरकार को हर हाल में ये काला कानून वापस लेना ही होगा अन्यथा…

केन्द्र सरकार द्वारा हाल में बनाए गए किसान बिल किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। किसान खाली हाथ रह जायेगा। जमींदारी कंपनियों के हाथ में चली जायेगी।

केन्द्र सरकार द्वारा हाल में बनाए गए किसान बिल किसानों (farmers) को बर्बाद करने वाले हैं। किसान खाली हाथ रह जायेगा। जमींदारी कंपनियों के हाथ में चली जायेगी। किसान बंधुआ मजदूरों की तरह काम करेगा। वह दाने-दाने को मोहताज हो जायेगा। उसके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा होगा। ये विचार मथुरा के पूर्व सांसद जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने मथुरा जिले के गांव मगोर्रा में आयोजित एक किसान बैठक में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।

उन्होंने (Jayant Chaudhary) कहा कि जब किसानों (farmers) ने इस बिल की मांग ही नहीं की तो सरकार इस बिल को जबरन क्यों थोप रही है। यही वजह है कि किसान विरोध के लिए सड़कों पर पड़े हुए हैं और सरकार अपनी हठधर्मिता पर उतारू है। जो सरकार किसानों के साथ छलावा करे, उसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है।

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किसान विरोधी बिल की वापसी के लिए आज मंगोरा में महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपनी एकजुटता दिखायेंगे। वहीं से किसान आंदोलन के लिए भी रुख करेंगे। मोदी सरकार दमनकारी सरकार है, जो देश में हिटलर शाही राज कर रहे हैं। आज देश का अन्नदाता 80 दिनों से लगातार काले कानून के विरोध में धरना दे रहा है, लेकिन सरकार अपनी तानाशाही पर अड़ी है। हाल में ओलावृष्टि से किसानों (farmers) के फसल में नुकसान के लिए सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।

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युवा नेता योगेश चौधरी ने कहा कि मुसलामान देश का दुश्मन नहीं है। नोटबंदी, जीएसटी की मार जनता सहन नहीं कर पा रही थी कि अब किसान बिल थोपकर किसानों (farmers) को बर्बाद किया जायेगा, लेकिन यह बिल सरकार को हर हाल में वापस करना ही होगा। अध्यक्षता करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार को हर हाल में ये काला कानून वापस लेना ही होगा अन्यथा सरकार को इसका खामियाजना जरूर भुगतना पड़ेगा।

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