कौशांबी: बजबजाती नालियां, अधूरे शौचालय यही हैं गाँव की पहचान

कभी-कभी भाई के घर मे चले जाते हैं। पैसा होने पर बनवालेगे, सरकार के पास तो पैसा है नही। विकास कार्यो का जायजा लेते टीम बगल के गांव मोलानी पहुची।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान अब गांवों में दम तोड़ने लगे हैं। कौशांबी जनपद के ज्यादातर गांव में अधूरे पड़े शौचालय, बजबजली नालियां और कूड़े के ढेर आप को दिखाई देगा। भ्र्ष्टाचार के चलते शौचालय आज भी अधूरे पड़े हैं, या फिर ज़रूरत मंदो को मिले ही नही मिले हैं। सफाई कर्मियों के गांव न जाने से नालियां बजबजा रही हैं। शिक़ायत के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नही देते हैं।

ग्रमीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत होती हैं

ये नज़ारा हैं मंझनपुर तहसील इलाके के बनीख़ास गांव का। यहा के रहने वाले लाल बहादुर वर्तमान में भाजपा से विधायक हैं। फ़िर भी गांव की यह दुर्दसा हैरान करने वाली हैं। सफाई कर्मी के नही आने से नाली चोक पड़ी हैं, उससे दुर्गंध आती रहती हैं। गन्दा पानी सड़क पर भर जाता हैं। जिससे ग्रमीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत होती हैं।

दिन भर आवारा जानवर घूमते रहते हैं

गांव के रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि उनके बूढ़े बाप इस गन्दे पानी मे आते-जाते समय फिसल कर गिर जाते हैं। हमारे न रहने पर मोहल्ले के लोग सहयोग करते हैं। राहगीरों को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ता हैं। बकौल अमित विधायक जी जल्दी गांव नही आते हैं, जब आते भी हैं तो उनका कहना होता हैं कि हमे बनी से वोट ही नही मिला हैं, बनी से हम हारे हैं। गांव का कोई विकास नही हुआ है। दिन भर आवारा जानवर घूमते रहते हैं।

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अगर रात में खेत की रखवाली नही करो तो फसल ही चर जाये, रात-दिन खेत ताकना पड़ता हैं। सरकार को चाहिए कि गांव में एक गौशाला बनवा दे। जिससे आवारा पशु से राहत मिले। गांव में शौचालय आधे-अधूरे पड़े हैं। किसी मे छत नही हैं तो किसी मे सीट नही बैठी। इससे महिलाओ को दिक्कत होती हैं।

शौच जाने में बहोत परेशानी होती हैं

सुशीला दृवेदी बताती हैं कि कल्लू प्रधान ने शौचालय बनवाया हैं, जो अधूरा पड़ा हैं। सिर्फ़ आश्वासन देते हैं की अगले महीने बनवा देगे। लेकिन पूरा साल बीत गया। हमारी माता रानी को फालिस(पैरालाइज) मार दिया हैं। शौच जाने में बहोत परेशानी होती हैं। हमारी टीम गांव घूमते हुवे आगे बढ़ी तो अपने घर के बाहर विजय नारायण मिले।

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इनसे शौचालय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आप के सामने है देख लीजिए। न सीट हैं, न प्लास्टर हैं, न छत हैं न ही गड्डा हैं, कैसे यूज़ करे। मज़दूरी में बाहर जाते हैं। कभी-कभी भाई के घर मे चले जाते हैं। पैसा होने पर बनवालेगे, सरकार के पास तो पैसा है नही। विकास कार्यो का जायजा लेते टीम बगल के गांव मोलानी पहुची।

टीम किसी तरह अपनी जान बचा कर वह से निकली

वह एक महिला ने बताया कि नाली का निर्माण नही होने से उसको घर से निकलने में दिक्कत होती हैं। सफाई कर्मी प्रधान के घर के पास झाड़ू मार कर चला जाता हैं। नाली से बदबू आती हैं तो हम लोग खुद ही सफाई कर लेते हैं। पत्रकार के काने की जानकारी होने पर प्रधान के गुर्गों ने टीम को घेर लिया। टीम किसी तरह अपनी जान बचा कर वह से निकली।

केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन का नारा दिया तो लोगो मे उम्मीद जगी थी कि अब गांव की तस्वीर बदल जाएगी। शायद यही कारण था कि बसपा सरकार में मंत्री रहे इंद्रजीत सरोज़ को वोट न देकर लोगो ने बीजेपी पार्टी से चुनाव लड़े लाल बहादुर को भारी मतों से जिताया था। लेकिन इसे गांव का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि बनिखास से विधायक होने के बावजूद भी गांव विकास की बाट जोह रहा हैं। अब लोगो की उम्मीद भी टूटने लगी हैं।

रिपोर्ट – सैफ रिज़वी 

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