कासगंज : जिले में डेंगू और बुखार का कहर लगातार जारी

जिले में लगातार हो रही मौतें और उन्हें छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोल रहा स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जनपद कासगंज में कोरोना के बाद डेंगू बुखार का कहर है, जिले में लगातार हो रही मौतें और उन्हें छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोल रहा स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आज फिर जिले में डेंगू के प्रकोप से 03 लोग काल के गाल में समा गए।

जिससे जिले में ड़ेंगू और बुखार से मरने वालों का आंकड़ा डेढ़ दर्जन से अधिक पहुँच गया है। वहीं ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाबजूद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कोई जांच पड़ताल नहीं कि है।

आपको बतादें कि जनपद कासगंज में ड़ेंगू और बुखार का कहर लगातार ग्रामीणों पर बरप रहा है। जिससे अब तक तक डेढ़ दर्जन लोगों की मौतें हो चुकी हैं। जिसमे मासूम बच्चे , युवती,युवक और अधेड़ व्यक्ति शामिल है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के CMO डॉ. अनिल कुमार की फाइल में ये आंकड़ा पिछले 08 दिन से अभी तक सिर्फ 11 ही दर्ज है।

जब कि आज फिर जिले के गंजडुंडवारा थाना के गांव बहोटा में एक अधेड़ की जान चली गयी, तो वहीं गनेशपुर गांव में एक युवती ने दम तोड़ दिया वही गंजडुंडवारा के मोहल्ला बनखंडी में एक महिला ने दम तोड़ा है। वहीं बहोटा गांव के ग्रामीणों का स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप है कि गांव में 20 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं , लेकिन अब तक कोई भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं आयी है।

बतादें कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने अधीनस्थ अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर उनके दुख दर्द जानने के लिए लगातार आदेश जारी कर रहे है। और स्वयं भी लगातार कई जिलों में जाकर मृतकों के परिजनों और मरीजो से स्वयं अस्पताल और उनके घर घर जाकर हालचाल ले रहे है।

लेकिन कासगंज के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अभी भी नींद नहीं टूट रही है। और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एसी ऑफिस से निकलने के लिए तैयार नहीं है। वही जिले के सीएमओ अनिल कुमार ग्रामीणों इलाकों में जाकर खाना पूर्ति कर रहे है। लेकिन अपनी गाड़ी से नीचे भी नहीं उतरते है। लगातार जिले में डेंगू और बुखार से लोगों की जान जा रही है।

लेकिन स्वास्थ विभाग के अधिकारियों की लिस्ट में अभी तक सिर्फ 11 लोगों की ही मौत बुखार से हुई है। लेकिन ड़ेंगू से किसी की मौत पुष्टि नहीं कर रहे है। वही जिले के लोगों को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते सही इलाज नहीं मिलने के कारण उन्हें आगरा , अलीगढ़ , बरेली के निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। जहां लाखों रुपये खर्च करने के बाद लोगों की जान नहीं बच पा रही है।

रिपोर्टर – जुम्मन कुरैशी

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