41 साल बाद टोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल के मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया को हॉकी में हराकर इतिहास रच दिया है।

जापान की राजधानी में खेले जा रहे टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में भारत की बेटियों ने अपना परचम बुलंद कर रखा है। कल पीवी सिंधु ने पहले देश को टोक्यो ओलंपिक में दूसरा मेडल जितवाया। तो आज भारतीय महिला हॉकी ने ऑस्ट्रेलिया जैसी दुनिया की धाकड़ टीम को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह भी पक्की कर ली है।

क्वार्टर फाइनल में खेले गए इस मुक़ाबले में भारत की तरफ से एकमात्र गोल गुरजीत कौर ने दागा। भारतीय टीम ने इस मैच में एक बार भी ऑस्ट्रेलिया को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। पुरे मैच में भारतीय टीम कंगारू टीम पर हावी रही और अटैक करती रही। कंगारू टीम के पास भारतीय टीम की अटैकिंग का कोई भी जवाब नहीं दिख रहा था।

41 साल बाद रचा इतिहास

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल के मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया को हॉकी में हराकर इतिहास रच दिया है। आज से 41 साल पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने कप्तान रानी रामपाल की अगुवाई में ओलंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल में अपना जगह बनाई थी। इस जीत के बाद से ही देशवासियों को अपनी महिला हॉकी टीम से गोल्ड मेडल की अपेक्षा और ज्यादा बढ़ गयी है।

बड़ी टीमों को हराकर पहुंची यहां तक

ऑस्ट्रेलिया को क्वार्टर फाइनल के मुक़ाबले में में हराने से भारतीय महिला हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका पर 4-3 की जीत और बाद में मौजूदा चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन की आयरलैंड पर 2-0 की विजय से शनिवार को 41 वर्षों में पहली बार ओलंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। साउथ अफ्रीका के साथ हुए मैच में टीम की स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए लगातार तीन गोल दागकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

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