बजट से नौकरीपेशा निराश, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर जोर

संसद में अगले वित्त वर्ष के लिए 34,83,236 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जो 15 लाख छह हजार 812 करोड़ रुपये घाटे का बजट है।

सरकार ने कोरोना महामारी के कारण बदहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 2021-22 के आम बजट में स्वास्थ्य और बुनियादी ढ़ांचे तथा विभिन्न सुधारों पर खास जोर देते हुए नि:शुल्क कोरोना टीकाकरण के लिए 35000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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15 लाख छह हजार 812 करोड़ रुपये घाटे का बजट

बजट में जहां उद्योग जगत को प्रोत्साहन मिला वहीं नौकरीपेशा को आयकर में कोई राहत नहीं मिलने से निराशा हाथ लगी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में अगले वित्त वर्ष के लिए 34,83,236 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जो 15 लाख छह हजार 812 करोड़ रुपये घाटे का बजट है।

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 30,42,230 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया था जो संशोधित अनुमान में बढ़कर 34,50,305 करोड़ रुपये पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष में 18 लाख 84 हजार 655 करोड़ रुपये के घाटे का संशोधित अनुमान जताया गया है ।

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