पहली बार, महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक हुई, प्रजनन दर में गिरावट आई

यह पहला मौका है जब देश में महिलाओं की आबादी पुरुषों से ज्यादा बढ़ी है। पिछले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 में एनएफएचएस-4 में महिलाओं की संख्या प्रति 1000 पुरुषों पर 991 महिलाएं थीं।

यह पहला मौका है जब देश में महिलाओं की आबादी पुरुषों से ज्यादा बढ़ी है। पिछले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 में एनएफएचएस-4 में महिलाओं की संख्या प्रति 1000 पुरुषों पर 991 महिलाएं थीं।

NFHS-5 के अनुसार, राष्ट्रीय प्रजनन दर में भी बदलाव आया है। प्रजनन दर घटकर 2.0 रह गई है। इसका मतलब है कि देश में एक मां औसतन दो बच्चों को जन्म देती है। इससे पहले एनएफएचएस-4 में यह दर 2.2 थी।

देश में एनीमिया को लेकर एनएफएचएस-5 ने चिंताजनक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि देश के आधे से ज्यादा बच्चे और महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। 67.1 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं। 15 से 49 वर्ष की आयु की लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि 15 से 49 वर्ष की आयु के 25 प्रतिशत पुरुष एनीमिया से पीड़ित हैं।

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