एटा : आर्थिक तंगी के चलते पिता ने चाक़ू से गोदकर की अपनी 3 वर्षीय पुत्री की हत्या

खबर एटा जनपद की कोतवाली अवागढ़ क्षेत्र के जिनावली ग्राम से है जहाँ कल तीन वर्षीय बालिका के शव को मिट्टी के गड्ढे में दफनाने गए अकेले युवक को देखकर किसी अनहोनी की शंका में खेत पर कार्यरत महिलाओं ने पुलिस को सूचना दी थी।

खबर एटा जनपद की कोतवाली अवागढ़ क्षेत्र के जिनावली ग्राम से है जहाँ कल तीन वर्षीय बालिका के शव को मिट्टी के गड्ढे में दफनाने गए अकेले युवक को देखकर किसी अनहोनी की शंका में खेत पर कार्यरत महिलाओं ने पुलिस को सूचना दी थी। तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने बालिका के शव को गड्ढे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भिजवाया था, वही ग्रामीणों के आरोप पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया था । जिसने पूछताछ के दौरान बताया कि वो मज़दूरी कर अपने घर का खर्च उठाता है और मृत बच्ची का पिता है। उसकी पत्नी 3 वर्ष पूर्व डेंग्यू की वीमारी से मर चुकी है बच्ची की हालत 10 दिन से खराब चल रही थी आज उसकी मौत हो गई जिसे वो दफनाने आया था।

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उसकी कहानी मामले की पोस्टमार्टम के रिपोर्ट के बाद बिल्कुल सच्चाई से परे निकली। मामले के बारे में जब पुलिस कप्तान एटा ने जानकारी दी कि बच्ची की चाकू से गोदकर हत्या की गई है तो यकीन करना मुश्किल हो गया कि कोई पिता इतना निष्ठुर कैसे हो सकता है कि बिन माँ की बेटी अपने ही कलेजे के टुकड़े की हत्या कर देता है। आरोपी प्रवीण कुशवाह से जब पुलिस ने कढ़ाई से पूछा तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया पर मासूम की हत्या के कारण जब उसने बताए तो पुलिस भी हैरान रह गई,प्रवीण कुशवाह ने बताया कि वह दिल्ली के सीलमपुर और शिकोहाबाद मैं दिहाड़ी मज़दूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था इसी दौरान 2018 मैं उसकी पत्नी की डेंगू से मौत हो गई और अपनी बेटी के साथ शिकोहाबाद से एटा गया। बीते 10 दिनों से बेटी बीमार थी जिसका आर्थिक तंगी के चलते सही उपचार नहीं करा पा रहा था और उसने ये दुःसाहसिक निर्णय लिया और चाकू से वार कर उसे मार दिया, दफन करते समय लोगों ने देख लिया और उसका राज पर्दाफाश हो गया , मुकद्दमा अब धारा 302 के तहत तरमीम कर लिया गया है आरोपी को न्यायालय मैं पेश किया जाएगा।

अब सवाल ये उठता है कि देश और प्रदेश मैं आयुष्मान योजना के तहत गरीबों का 5 लाख तक इलाज मुफ्त हो रहा है तो इस परिवार को आखिर वो मदद क्यों नही मिली। समाज के लोगो को उसकी मदद करनी चाहिए थी तब कोई आगे क्यों नहीं आया। आर्थिक तंगी ने पुरे परिवार को लगभग उजाड़ ही दिया। पत्नी की मौत के बाद बेटी की हत्या और अब पिता जेल की सलाखों में रहेगा।

रिपोर्ट- विकास दुबे

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