Farmers Protest: मुज़फ्फरनगर में किसानों की महापंचायत शुरू, हजारों की संख्या में पहुंचे अन्नदाता

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की महापंचायत शुरू हो गई है। इस महापंचायत में हजारों की संख्या में किसान पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुटे हैं।

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसानों (Farmers) के आंदोलन के भविष्य पर सवाल उठ रहे थे। वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत (Farmer leader Rakesh Tikait) के आंसुओं के सैलाब के बाद किसान आंदोलन एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है। पश्चिमी यूपी (Western UP) और हरियाणा (Haryana) के अलग-अलग इलाकों से किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचना शुरू हो गए हैं। वहीं, गाजीपुर बॉर्डर को दोनों ओर से बंद कर दिया गया है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की महापंचायत शुरू हो गई है। इस महापंचायत में हजारों की संख्या में किसान पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुटे हैं। यहां राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत किसानों को संबोधित करेंगें।

गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे RLD नेता जयंत चौधरी…

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों (Farmers) का आंदोलन बड़ा रूप लेता जा रहा है। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में जान फूंकने के लिए मंच पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंच गए हैं। वहीं, उनसे मिलने के लिए राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) नेता जयंत चौधरी भी गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच गए हैं।

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इस दौरान आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार को लगता है कि वे किसानों (Farmers) को कुचल देंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। जब से आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने हैं, यूपी धारा 144 के तहत है। किसान यहां घर बनाने नहीं आए हैं, वे यहां तीन कानूनों को वापस कराने आए हैं।

कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का केंद्र सरकार पर हमला…

वहीं, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों (Farmers) की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जिम्मेदार है। इसमें किसानों की कोई गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि तब मोदी सरकार कहां थी, जब किसानों की मौत हो रही थी। उस वक्त तो कोई बवाल नहीं हुआ।

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आगे उन्होंने कहा कि किसानों (Farmers) को रूट की जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से उन्हें सुनियोजित तरीके से भटकाया गया और लाठी चार्ज करके उनको भड़काया गया।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राकेश टिकैत से की बातचीत…

वहीं, गुरुवार रात को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और राकेश टिकैत में फोन पर करीब पांच मिनट वार्ता हुई। इस दौरान सपा प्रमुख ने राकेश टिकैत से उनकी सेहत के बारे में पूछा और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी किसानों (Farmers) के हित की लड़ाई लड़ रही है।

साथ ही सपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, ‘सबका पेट भरनेवाले किसानों को भाजपा भूखा-प्यासा रखकर व झूठे आरोप लगाकर हराना चाहती है लेकिन चंद भाजपाइयों को छोड़कर सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी आज भी किसानों के साथ खड़े हैं। सपा किसानों के साथ है!’

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अलग-अलग बॉर्डर पर कड़ी है सुरक्षा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर जहां भी किसानों (Farmers) का आंदोलन चल रहा है, वहां आज भी (शुक्रवार) सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बता दें कि बीते दिन यानी गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भी हरियाणा के गांवों में यात्रा निकाली गई और लोगों से आंदोलन से जुड़ने की अपील की गई थी। वहीं, दूसरी ओर गाजीपुर बॉर्डर पर शुक्रवार से ही लोग जुटने लगे हैं।

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