Exclusive : महंत नरेंद्र गिरी का आठ पन्नों का कथित सुसाइड नोट आया सामने

महंत आनंद गिरी की आत्महत्या की खबर के बाद इस केस में एक बड़ा मोड़ आया, जो सुसाइड अब तक पुलिस के कब्जे में था वो सार्वजिनक रूप से सामने आ गया है जिसमे कई एहम बिंदु निकल कर सामने आ रहे है।

महंत आनंद गिरी की आत्महत्या की खबर के बाद इस केस में एक बड़ा मोड़ आया, जो सुसाइड अब तक पुलिस के कब्जे में था वो सार्वजिनक रूप से सामने आ गया है जिसमे कई एहम बिंदु निकल कर सामने आ रहे है। आठ पन्नों के इस सुसाइड नोट में आनंद गिरी के खिलाफ भी कई बातें लिखी हुई है. और हर सुसाइड नोट के पेज के नीचे महंत नरेंद्र गिरी का दस्तखत है।

 

इस सुसाइड नोट में बाकायदा तारीख भी लिखी गयी है और उन्होंने नोट में ये भी लिखा की कैसे वो मानसिक तौर पर परेशान रहा करते थे। उन्होंने एक एक करके बताया है कि कैसे उन्हें आनंद गिरी ने उन्हें मानसिक रूप से कैसे परेशान किया, फिर आद्या प्रसाद तिवारी की क्या भूमिका थी, संदीप तिवारी की क्या भूमिका थी।  उत्तराधिकारी बलबीर पुरी बने होंगे। उल्लेख उन लोगों का है जिन्होंने उनका (नरेंद्र गिरी) समर्थन किया और उनकी मदद की।

इस सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र है कि उसे (नरेंद्र गिरी) इसी महीने की 13 तारीख को आत्महत्या करने का विचार आया था। लेकिन उनकी हिम्मत नहीं हुई।

इस सुसाइड नोट में ये भी साफ़ देखा जा सकता है की कहीं कहीं पर लिख कर उसका काटा भी गया है। ये सुसाइड नोट अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के लेटर हेट पर ये लिखा गया है. नरेंद्र गिरि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष थे.

 

 

 

 

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