राजधानी दिल्ली-एनसीआर की बिगड़ी हवा

मौसमी उतार-चढ़ाव की वजह से लगातार दिल्ली-एनसीआर की हवा में भी बदलाव हो रहा है। कभी हवा का स्तर गंभीर तो कभी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच रहा है।

मौसमी उतार-चढ़ाव की वजह से लगातार दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की हवा में भी बदलाव हो रहा है। कभी हवा का स्तर गंभीर तो कभी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच रहा है। बुधवार को लोगों को थोड़ी राहत मिली और एक्यूआई 31 अंकों के सुधार के साथ 358 दर्ज किया गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की हवा गंभीर श्रेणी में रही। हालांकि, गुरुग्राम की हवा खराब श्रेणी में रही।

सोमवार को 318 दर्ज किया गया था

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, मंगलवार को एक्यूआई 389 था, जबकि सोमवार को 400 के साथ गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। रविवार को 389, शनिवार को 404, शुक्रवार को 348, बुधवार को 373, मंगलवार को 367 और सोमवार को 318 दर्ज किया गया था।

प्रदूषण में महज 2 फीसदी हिस्सेदारी रही

बृहस्पतिवार को गति कम होने के कारण हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। फिलहाल, यह मध्यम स्तर पर है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार पिछले 24 घंटों में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की 119 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 की प्रदूषण में महज 2 फीसदी हिस्सेदारी रही। इससे एक दिन पहले 211 घटनाओं के साथ यह शून्य रहा था, जबकि सोमवार को 239 घटनाओं के साथ यह 5 फीसदी दर्ज की गई थी।

प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम10 के स्तर में जहां हल्की वृद्धि हुई है वहीं, पीएम 2.5 के स्तर में कमी आई है। पीएम10 का स्तर 347 और पीएम2.5 का स्तर 193 के साथ बहुत खराब श्रेणी में रहा। पीएम10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर की वजह से 11 और 12 दिसंबर को बारिश हो सकती है, जिससे मौसम साफ रहेगा और प्रदूषण में कमी आएगी।

 

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