बस्ती: यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने दिए ये निर्देश

जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने 20 दिसम्बर तक माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली हाईस्कूल/इण्टर मीडिएट परीक्षा वर्ष 2021 के परीक्षा केन्द्रों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया। 

जिलाधिकारी (District Magistrate) आशुतोष निरंजन ने 20 दिसम्बर तक माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली हाईस्कूल/इण्टर मीडिएट परीक्षा वर्ष 2021 के परीक्षा केन्द्रों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया। 

आज जिलाधिकारी ने कैम्प कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में उन्होने कहा कि परीक्षाओं की सुचिता, पवित्रता, गुणवत्ता, विश्वसनीयता तथा विधि व्यवस्था अक्षुण्ण रखने एवं नकल की दुष्प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के दृष्टिगत परीक्षाओ के आयोजन के लिए आनलाइन प्रक्रिया से परीक्षा केन्द्रो का निर्धारण किया जायेंगा।

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उन्होने कहा कि परीक्षा केन्द्र निर्धारण हेतु विद्यालयों के मध्य दूरी के निर्धारण की सूचना विद्यालयों की मैपिंग/जीओ टैगिंग कराकर की जायेंगी तथा आधारभूत सूचनाओं/उपलब्ध सुविधाओं एवं अन्य वांछित सूचनाओं को परिसद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रबन्धक द्वारा अपलोड किया जायेंगा।

उन्होने कहा कि केन्द्र निर्धारण हेतु जिन अशासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया जाय उनमें प्रवेश द्वार सहित प्रत्येक शिक्षण कक्ष, प्रश्न पत्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं के रखने के स्ट्रांग रूम एवं उनके सीलिंग/पैकिंग रूम में वायस रिकार्डरयुक्त सीसी टीवी कैमरा एवं रिकार्डिंग हेतु डीबीआर तथा पारदर्शितापूर्ण नकलविहीन परीक्षा कराये जाने एवं उसकी बेवकास्टिंग द्वारा मानीटरिंग किए जाने के उद्देश्य से वायस रिकार्डरयुक्त दोनो ओर सीसी कैमरे के डीबीआर के साथ राउटर डिवाइस एवं हाई स्पीड़ इन्टरनेट कनेक्शन लगा होना अनिवार्य होगा।

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उन्होने कहा कि कम से कम दो लोहे की डबल लाॅक आलमारियों सहित स्ट्रांग रूम की उपयुक्त व्यवस्था, विद्यालयों के चारों ओर सुरक्षित चहारदीवारी एवं मुख्य प्रवेश द्वारा पर लोहे की गेट की व्यवस्था, विद्यालय में अग्निशमन के संसाधन, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था एवं छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था, विद्यालय मुख्य मार्ग/सम्पर्क मार्ग जिसकी चैड़ाई 10 फीट से कम न हो से जुड़ा होना चाहिए ताकि वहाॅ आसानी से पहुॅचा जा सके और प्रश्न पत्रों की आकस्मिक जाॅच एंव नकलविहीन परीक्षाओं का पर्यवेक्षण सुगमतापूर्वक हो सके।

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उन्होने कहा कि मान्यता पत्र निर्गमन के पश्चात् जिन विद्यालयों के परीक्षार्थियों के कम से कम दो बैच परिषदीय परीक्षा वर्ष 2019 तथा 2020 में सम्मिलित हो चुके हो वही विद्यालय परीक्षा केन्द्र बनाये जाने हेतु अर्हय होंगे। विद्यालय में स्थायी विद्युत व्यवस्था होनी अनिवार्य है। इसके साथ ही परीक्षाओं के निर्वाध संचालन तथा वेबकास्टिंग हेतु वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के लिए अलग से जेनरेटर की व्यवस्था तथा विद्यालय में एक सम्पूर्ण कम्पयूटर सिस्टम एवं दो दक्ष कम्प्यूटर आपरेटर की उपयुक्त व्यवस्था होनी अनिवार्य है।

उन्होने कहा कि ऐसे वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबन्धाधिकरण एवं प्रधानाचार्य के मध्य विवाद है, राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को छोडकर शेष ऐसे जिन विद्यालयो के परिसर में प्रबन्धक एंव प्रधानाचार्य के आवास तथा छात्रावास निर्मित हो, जिन विद्यालयों के मुख्य प्रवेश द्वार व शिक्षण कक्ष/प्रशासनिक कक्ष के मध्य से कोई हाईटेन्शन विद्युत तार गया हो।

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विद्यालय यदि दो खण्डों में निर्मित हो तथा उनके मध्य सार्वजनिक आवागमन हेतु कोई मुख्य सड़क/सम्पर्क मार्ग बना हो, जिन विद्यालयों की धारण क्षमता एक पाली में 150 से कम होगी तथा जिन विद्यालयों के शिक्षण कक्ष की खिड़किया सार्वजनिक सड़क या किसी संकिर्ण गली में खुलती हो उन्हें असुरक्षित पर्यवेक्षण की दृष्टि से परीक्षा केन्द्र निर्धारित नही किया जायेंगा।

बैठक में संचालन डीआईओएस डाॅ0 बृजभूषण मौर्या ने बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल में 41464 तथा इण्टरमीडिएट में 33804 छात्र-छात्राए सम्मिलित होंगी। उन्होने बताया कि वर्ष 2020 में कुल 132 परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे। जिले में कुल 385 कालेज है।  इसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नन्द किशोर कलाल, एसडीएम नीरज प्रसाद पटेल, बीएसए जगदीश शुक्ला, तहसीलदार पवन जायसवाल, चन्द्रभूषण प्रताप तथा समिति के सदस्य प्रधानाचार्यगण उपस्थित रहें।

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