गोरखपुर : CM योगी अपने गृहजनपद की महिलाओं को ही नहीं दिला पा रहे ‘न्याय’ और यूपी में मना रहे ‘मिशन शक्ति’

नवरात्रि का पर्व चल रहा है। इस समय मां दुर्गा की पूजा-आराधना होती है। नारी को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। समाज में भी नारी को सम्मान देने की बात की जाती है।

गोरखपुर। नवरात्रि का पर्व चल रहा है। इस समय मां दुर्गा की पूजा-आराधना होती है। नारी को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। समाज में भी नारी को सम्मान देने की बात की जाती है। प्रदेश के मुखिया जहां एक तरफ नारी सशक्तिकरण की तथा नारी को मजबूत करने की बात कहते है। वही दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के अपने शहर गोरखपुर में नारी को पीटने का वीडियो वायरल हुआ है।

विगत 20 तारीख को मैं अपने 5 वर्षीय पुत्र के साथ अपने दरवाजे पर बैठी थी

अब पूरा मामला आपको हम विस्तार से बताते हैं। बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनपुर पोस्ट पचपेड़वा रहने वाली साधना देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा है कि मुकदमा दर्ज करने के नाम पर पुलिस ने उससे 10000 रुपये लिये है। वही पीड़ित महिला और उसके पति सतीश उपाध्याय ने मीडिया से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि विगत 20 तारीख को मैं अपने 5 वर्षीय पुत्र के साथ अपने दरवाजे पर बैठी थी।

बुरे तरीके से मारा पीटा जिसका अभी इलाज चल रहा है

तभी मेरे पट्टीदार बालेंद्र उपाध्याय, नीरज उपाध्याय वीरेंद्र उपाध्याय उर्फ सोनू ने मिलकर हमारे सैकड़ों वर्ष पुराने रास्ते को अतिक्रमण करते हुए बंद कर रहे थे। जब मैंने इसका विरोध किया तो इनके परिवार की कविता, मीरा,जुली,अन्नू, रुचि,बालेन्द्र उपाध्याय और नीरज उपाध्याय ने मुझे जमकर मारा पीटा। इस घटना को देखकर मेरा 5 वर्षीय पुत्र रोने लगा और मुझे बचाने का प्रयास किया तो इन लोगों ने उसको भी उठा कर पटक दिये और बुरे तरीके से मारा पीटा जिसका अभी इलाज चल रहा है।

प्रार्थना पत्र वहां मौजूद दरोगा जी को दिया

पीड़ित महिला साधना देवी का कहना है कि मैंने तत्काल इस घटना की सूचना 112 नंबर पर दी मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सबसे पहले काम को बंद करा दिया और वीरेंद्र उपाध्याय को अपने साथ ले गई लेकिन रास्ते में ही कुछ पैसे लेकर उसको छोड़ दिया गया। जिसके बाद मैं थाने पहुंच कर अपना प्रार्थना पत्र वहां मौजूद दरोगा जी को दिया।

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जिन्होंने कहा कि अगर तुम्हें मुकदमा दर्ज कराना है। तो 10 हजार रुपये दो मैंने थकहार कर किसी तरह व्यवस्ता करके दरोगा जी को 10 हज़ार रुपये भी दे दिये। लेकिन हमारा कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मुझे यहां-वहां दौड़ाया गया। इसकी सूचना मैंने फोन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक दक्षिणी को भी दी थी। उन्होंने कहा था कि थाने पर जाइए आपका मुकदमा पंजीकृत होगा। लेकिन थाने के द्वारा कोई भी मुकदमा पंजीकृत नही किया गया।

पटीदार द्वारा मारपीट का वीडियो भी पीड़ित महिला के पास मौजूद है। महिला ने कहा कि मारपीट का वीडियो पुलिस को मैने दिखाया भी था। जिसमें साफ दिखाई दे रहा है की महिलाएं हमको मारपीट रही हैं।

मुख्यमंत्री के शहर में इस महिला को न्याय मिलता है या नहीं

मीडिया के माध्यम से पीड़ित साधना देवी ने कहा कि पुलिस के आला अधिकारी मामले का संज्ञान लेते हुए दोषी लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कर कड़ी कार्रवाई कर हमें न्याय दिलाए। इस संदर्भ में पुलिस अधिकारी से बात करने की करने की कोशिश की गई पर बात नही हो पाई है। अब यह देखना है कि मुख्यमंत्री के शहर में इस महिला को न्याय मिलता है या नहीं ।

रिपोर्ट -अंकित श्रीवास्तव 

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