टेंशन में सीएम योगी ,तो खुशियां मना रहें प्रधान…

भारत में फरवरी वर्ष के इस माह में रोज़ाना कोविड संक्रमितों की संख्या तक़रीबन 12 हज़ार थी.और मरने वालों की संख्या कुछ सौ थी.तभी से लोगों को उम्मीद हो गई थी कि भारत में कोरोना का सबसे बुरा दिन आने वाला है.

इसके बावजूद भी सरकार कोविड पर ध्यान कम और शियसी ताज के कुर्शी पर ध्यान ज्यादा दिया.पढ़े लिखें स्टार शियसी गोल्ड मेडलिस्ट राज नेता भी कोविड प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई।

हैरानी कि बात तो तब हो गई जब मंचासीन राज नेता भीड़ बटोर कर वोट मांगा साथ ही सरकार बाबाने का सपना देखा।

जबकि कई सपना धारी राज नेता इस कोविड काल मे हमेशा – हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गए. बावजूद भी इसके सरकार इस भयवाहक स्थिति में भीड़ तंत्र पर रोक नही लगा सकी।

आपको बतादें उत्तर प्रदेश में पंचयतीय चुनाव की मतगणना के दौरान भीड़ का जो मेला दिखा इससे प्रदेश की जनता को इस महामारी से बचा पाना बहुत मुश्किल होगा।

दरअसल पूर्व में 17 अप्रैल के बाद से भारत में रोज़ाना दो लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले आ रहे थें जबकि पिछले साल सितंबर में जब कोरोना अपने पीक पर था तब भारत में रोज़ाना क़रीब 93 हज़ार मामले आ रहे थे.

इस दौरान रोज़ाना मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है जो 25 अप्रैल तक लगभग 2336 हो गई है.पिछले साल के पीक में रोज़ाना मरने वालों की लगभग दो गुना.

द यूपी खबर के सीनियर संवादाता डी के त्रिपाठी ने कहा कि भारत संघर्ष कर रहा है. लेकिन सामने जो डर सता रहा है वो मुझे उस समय की याद दिला रहा है जब कोरोना महामारी की शुरुआत हुई थी और लोगों को इसके बारे में कोई ज़्यादा जानकारी भी नहीं थी.

डी के त्रिपाठी कहते हैं कि इलाज के बाद भी कोरोना जानलेवा हो सकता है, इस लिए मुँह पर मास्क और सेनेटाइजेशन करते रहें साथ ही दो गज दूरी हमेशा के लिए बनाए रखें.तभी इस महामारी से खुद को बचा सकतें हैं।

क्योंकि वर्तमान कि स्थिति ऐसी है कि कई अस्पतालों में जगह नहीं है.शायद कुछ लोगों की इस कारण मौतें हो रहीं हैं सरकार समय रहतें अस्पतालों में बेंड और ऑक्सीजन की कमी पर ध्यान दी होती तो इस तरह ज़िंदगी शायद बचाई जा सकती थी.”

यही नही कोरोना टेस्ट करने वाले लैब की हालत बहुत ज्यादा ख़राब हैं क्योंकि टेस्ट कराने वालों की संख्या रोज़ाना बढ़ रही है और इस कारण टेस्ट के नतीजे आने में कम से कम 3-4 दिन लग रहे हैं.जिसके कारण श्मशान घाट में शवों का आना लगा हुआ है और वहां 24 घंटे दाह संस्कार किया जा रहा है।

रिपोर्ट : सीनियर संवादाता डी के त्रिपाठी

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