Bird Flue: यूपी में अलर्ट, कानपुर के बाद सोनभद्र में मरे पाए गए कौए

कोरोना महामारी के बीच बर्ड फ्लू ने टेंशन बढ़ा दी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल बर्ड फ्लू की चपेट में हैं।

Bird Flue : लखनऊ/सोनभद्र. कोरोना महामारी के बीच बर्ड फ्लू ने टेंशन बढ़ा दी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल बर्ड फ्लू की चपेट में हैं। जिसके बाद बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और कर्नाटक के अलावा उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को राज्य में पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उधर कानपुर के बाद सोनभद्र में भी कौओं के मृत पाए जाने की खबरों से बर्ड फ्लू को लेकर लोग दहशत में हैं। हालांकि अब तक प्रदेश में कहीं भी बर्ड फ्लू  (Bird Flue ) का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसके चलते अंड़े और चिकन के दाम तेजी से गिरने लगे हैं।

कानपुर चिड़ियाघर में बुधवार की सुबह चार पक्षियों की अचानक मौत से हड़कम्प मचा तो विभाग सतर्क हो गया। तत्काल उनके सैंपल जांच के लिये भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई रिस्क एनिमल डिजीज भेजे गए।

फ्लू को लेकर दहशत और चर्चा का बाजार गर्म

अभी रिपोर्ट का इंतजार हो ही रहा था कि इधर सोनभद्र जिले के डाला कस्बे में आधा दर्जन से अधिक कौऐ मृत पाए जाने से वहां बर्ड फ्लू (Bird Flue ) को लेकर दहशत और चर्चा का बाजार गर्म हो गया। सूचना मिलने के बाद पशुपालन विभाग की टीम ने तत्काल उनका सैंपल जांच के लिये भोपाल भेज दिया।

सोनभद्र के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद तत्काल टीम भेजकर कौओं की डेड बाॅडी सैम्पल जांच के लिये भोपाल भेज दिया गया है। 72 घंटे के अंदर सैंपल वहां पहुंचाना होता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ होगा कि कौओं के मरने के पीछे क्या कारण है। हालांकि उन्होने कौओं की मौत के पीछे ठंड की संभावना भी जाहिर की है।

यूपी सरकार ने जारी की एडवाइजरी

यूपी सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए प्रवासी पक्षियों और दूसरे राज्यों से आने वाले पोल्ट्री व पक्षियों की निगरानी करने के लिये कहा है। बीमार या मृत पाए जाने पर बाहर से लाए जाने वाले पोल्ट्री या पक्षियों प्रदेश में इंट्री न करने देने के निर्देश दिये हैं।

बाहरी पक्षियों का झुंड पानी पीने आए तो उस पर नज़र रखी जाए। जलाशयों में पानी पीने के बाद अगर कोई पक्षी मृत पाया तो उसके सैंपल की जांच कराई जाय।
दूसरे राज्यों से लाए जाने वाले पक्षियों खासकर मुर्गियों के वाहनों में कोई बीमार या मृत मिले तो प्रदेश इंट्री न दी जाए।
सप्ताह में एक दिन मुर्ग़ा मंडियां बंद करके उनकी साफ सफाई कराई जाए।
जहां प्रवासी पक्षी आते हों उन बर्ड सैंक्चुअरी और पक्षी पार्कों की सूची बनायी जाये।
भारत सरकार की गाइडलाइन्स का पालन और संक्रमण रोकने के तरीक़ों को इस्तेमाल हो।
जिलों में फेसमास्क और पीपीई किट की कमी न हो।
अफवाहों पर रोक लगे और ज़िलों में मुर्ग़ा व उसके उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर जन जागरण अभियान चलाया जाए।

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चिकेन और अंडे के घटने लगे रेट

बर्ड फ्लू की दहशत और अफवाह का सीधा असर पोल्ट्री उद्योग और कारोबार पर पड़ा है। चिकन और अंडे के दाम तेजी से नीचे आए हैं। प्रति पेटी अंडा के रेट में प्रदेश में कहीं-कहीं 100 रुपये से अधिक की कमी आई है, जबकि चिकन का रेट भी 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक गिरा है।

पूर्वांचल पोल्ट्री फार्म समिति के अध्यक्ष अजय खरे ने बताया कि वाराणसी में दो दिनों में मुर्गे के थोक और फुटकर रेट प्रति किलो 30 रुपये तक घट गया है। इसी तरह अंडों के दाम भी तेजी से नीचे आए हैं। पिछले दो दिनों से मांग में कमी आने के चलते अंडा के रेट में प्रति पेटी (एक पेटी में 210 अंडा) 150 रुपये तक कमी आ गई है।

क्या है बर्ड फ्लू?

बर्ड फ्लू की बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस H5N1 की वजह से होती है
एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पक्षियों और इंसानों को अपना शिकार बनाता है
मुर्गी, टर्की, गीस, मोर और बत्तख जैसे पक्षियों में बर्ड फ्लू तेजी से फैलता है
इन्फ्लूएंजा वायरस के प्रभाव से इंसान और पक्षियों की मौत तक हो सकती
एवियन फ्लू को अक्सर बर्ड फ्लू कहा जाता है, जिसके कारण पक्षियों में रेस्पिरेटरी बीमारी हो जाती है।

बर्ड फ्लू के लक्षण

लगातार कफ रहना, नाक बहना, सिर दर्द रहना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त, हर वक्‍त उल्‍टी या मतली का महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना, सांस लेने में समस्या के साथ निमोनिया हो सकता है।

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