बिजनौर: पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, मचा हड़कंप

पुलिस कस्टडी में रहस्यम दलित युवक की मौत के बाद आखिरकार कोर्ट की दखल के बाद दो दारोगा व 5 पुलिसकर्मियों सहित 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के इल्जाम व संगीन धाराओं में केस दर्ज होने के बाद पुलिस के खिलाफ हुई बड़ी कार्यवाही के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है हालांकि इस पूरे प्रकरण पुलिस के अफसर चुप्पी साधे हुए है।

पुलिस कस्टडी में रहस्यम दलित युवक की मौत के बाद आखिरकार कोर्ट की दखल के बाद दो दारोगा व 5 पुलिसकर्मियों सहित 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के इल्जाम व संगीन धाराओं में केस दर्ज होने के बाद पुलिस के खिलाफ हुई बड़ी कार्यवाही के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है हालांकि इस पूरे प्रकरण पुलिस के अफसर चुप्पी साधे हुए है।

आंखों मे आंसू व दर्द से चिल्ला रही ये है नीटू की मां जिसके बेटे का झगड़ा 12 जुलाई को मामूली बात को लेकर पड़ोसियों से हो गया था पड़ोसियों ने इतनी मार लगाई की उसे अधमरा कर दिया।इसी दौरान दारोगा व पुलिस कर्मी अधमरे नीटू को अस्पताल भर्ती कराने ले जाते है।मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके बेटे नीटू से मिलने के लिए पुलिस परिवार को गुमराह करती रही ।17 जुलाई को दारोगा शहज़ाद ने परिवार के लोगों को बिजनौर कोतवाली शहर बुलाया जहां पर बिजनौर बैराज ले जाकर पुलिस ने जबरन मरे नीटू का अंतिम संस्कार करा दिया।

म्रतक नीटू के पिता जयपाल सिंह ने दारोगा व पुलिस के खिलाफ थाने व एसपी को तहरीर दी लेकिन किसी ने केस दर्ज नही किया।थक हार कर नीटू के पिता जयपाल सिंह ने बिजनौर कानून का दरवाजा खटखटाया।

विशेष न्यायाधीश (SC/ST) 2 अपर ज़िला जज ,बिजनौर ने पूरे मामले का सज्ञान लेते हुए 156/(3)CRPC के तहत बिजनौर के थानां नूरपुर थाने में तैनात दारोगा शहज़ाद अली,दारोगा शिव कुमार ,कॉन्स्टेबल सचिन व 4 अज्ञात पुलिसकर्मी सहित 5 पिटाई करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ धारा 147,148,302,120-B,201,3(2)(V) के तहत नूरपुर थाने में दिनांक 15 अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई है।

मृतक के परिजनों का साफ तौर से कहना है की मुल्जिमों से पुलिस हमसाज होकर उनके बेटे के कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया है।नीटू की माँ का कहना है कि बेटे के पुलिस के हत्यारे सलाखों के पीछे जाने चाहिए साथ ही खून में सनी वर्दी भी क़ातिल पुलिस वालों की वर्दी भी उतरनी चाहिए।हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस के छोटे अफसर से लेकर बड़े अफसर तक कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नज़र आ रहे है।

रिपोर्ट- फैसल खान

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