Batla House Encounter: आतंकी आरिज खान कोर्ट में दोषी करार, 15 मार्च को सुनाई जाएगी सजा

राजधानी दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर (Batla House Encounter) मामले में आज सोमवार को कोर्ट ने आरिज खान को दोषी करार दिया है.

राजधानी दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर (Batla House Encounter) मामले में आज सोमवार को कोर्ट ने आरिज खान को दोषी करार दिया है. कोर्ट आरिज खान की सजा का ऐलान 15 मार्च 2021 को करेगा. तेरह साल पहले हुए बाटला हाउस एनकाउंटर (Batla House Encounter) में इंडियन मुजाहिदद्दीन के 15 लाख के आतंकी आरिज़ खान उर्फ जुनैद को दिल्ली पुलिस ने साल 2018 में गिरफ्तार किया था. आतंकी आरिज खान पर 13 सितंबर 2008 में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर (Batla House Encounter) के अलावा दिल्ली, अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश और जयपुर में हुए धमाकों में शामिल होने का आरोप है.

बता दें कि आरिज खान उर्फ जुनैद मूल रुप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है. बाटला हाउस एनकाउंटर (Batla House Encounter) 2008 के बाद आरिज खान कभी भी आजमगढ़ वापस नहीं गया . आरिज़ खान इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा को गोली मारके फरार हो गया था. आतंकी आरिज बाटला एनकाउंटर के अलावा 2007 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ कोर्ट ब्लास्ट, फैजाबाद, वाराणसी में हुए ब्लास्ट में शामिल था. बता दें कि आरिज खान बम बनाने में माहिर माना जाता है.

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19 सितंबर 2008 को राजधानी दिल्ली के जामिया नगर इलाके के बाटला हाउस (Batla House ) में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकियों से दिल्ली पुलिस की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो आतंकवादी दिल्ली पुलिस के हाथ मारे गए थे. एक आतंकी का नाम आतिफ अमीन और दूसरे आतंकी का नाम मोहम्मद साजिद थे.

पुलिस की इस मुठभेड़ में दो अन्य संदिग्ध सैफ मोहम्मद और आरिज़ खान भागने में कामयाब हो गए, जबकि एक और आरोपी ज़ीशान को गिरफ्तार कर लिया गया था.

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इस पूरे अभियान को दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट मोहनचंद्र शर्मा लीड कर रहे थे. मुठभेड़ के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर मोहनचंद्र को पीठ में गोली लग गई थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गयी. हालांकि, मोदनचंद्र शर्मा की मौत काफी विवादों में रही थी. शर्मा के मौत पर कई तरह की बातें की जा रही थीं. मोहनचंद्र शर्मा दिल्ली पुलिस में 26 जून 1989 को सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती हुए थे. उन्होंने अपने कार्यकाल में 35 आतंकियों को मारा था और 80 से आधिक आतंकवादियों को गिरफ्तार करवाया था.

लेकिन इस इनकाउंटर के बाद दिल्ली समेत देश भर में कई जगहों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे. राजनीतिक पार्टियां और मानवाधिकार संगठनों ने इसकी न्यायिक जांच कराने की मांग की थी.

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