आजमगढ़ पहुंचे आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद….

कुछ दिन पूर्व रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पुलिस द्वारा दलित पर किया गया था उत्पीड़न.....

आजमगढ़ के रौनापार थाना के पलिया गांव में एक बार फिर से राजनीतिक मजमा जुटा। इस बार आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण यहां पर लाव लश्कर के साथ पहुंचे और सरकार को चेतावनी दी कि यहां पर दलितों के साथ बहुत जुल्म हुआ है।

यह भी कहा कि जुल्म और ज्यादती जब ज्यादा होती है तो सब्र का बांध टूटता है। सब्र का बांध टूटता है तो सैलाब आता है। इसके अलावा चन्द्रशेखर ने शासन प्रशासन को यहां अपनी मांगों को माने जाने के लिए 7 दिन का समय दिया और कहा कि अगर तय समय पर मांगे पूरी नहीं होती हैं तो पंचायत शुरू होगी।

इस दौरान आजमगढ़ के सभी पीड़ित दलितों को यहां पर बुलाया जाएगा और यह पंचायत तब तक चलेगी जब तक कि उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं। रावण ने कहा कि आजमगढ़ में अब तक दलित उत्पीड़न के 5 बड़े मामले उनके संज्ञान में आए हैं। इसमें पलिया, चांदपट्टी, मुड़हर, गोधरा और इसके पहले प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या का है जिसमें वह खुद यहां पर आ चुके हैं। पलिया में जो हुआ वह सहन योग्य नहीं है। जिस प्रकार से प्रशासन के अधिकारियों ने यहां पर महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। उन को बेरहमी से पीटा गया। उनके अनाज में जहर मिलाया गया शीशे के टुकड़े मिलाए।

चंद्रशेखर ने कहा कि जब भी कोई दलित आगे बढ़ता है तो उसको रोकने के लिए राजनीतिक व सामाजिक से शिकंजा कसना शुरू हो जाता है। चंद्रशेखर ने कहा कि पलिया मामले में जो भी दोषी अधिकारी हैं उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने चाहिए और जो पीड़ित हैं उनके ऊपर दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए। अगर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होंगे तो खुद चंद्रशेखर का नाम भी मुकदमे में शामिल किया जाना चाहिए और देखेंगे कि इन की जेल कितनी बड़ी है। जहां तक बहू बेटियों से गलत व्यवहार की बात है तो यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।

वह किसी भी वर्ग की बहू बेटियों को गलत नहीं बोलते हैं तो सहेंगे भी नहीं। इसके बाद भी नहीं कोई माना तो उनकी सात पीढ़ियों को याद दिला देंगे। चंद्रशेखर रावण ने पलिया में जो तोड़फोड़ हुई उसपर पीड़ितों के लिए 5 करोड़ का मुआवजा भी मांगा।

बाइट:- चंद्रशेखर रावण (आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी मुखिया)

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