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लखनऊ- सबसे बड़ी दवाई और पहला टीका है माँ का दूध: राज्यपाल आनंदी बेन

This News was published on: 10:30 AM

Governor Anandi Ben :- लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्व स्तनपान दिवस के संबंध में पूरा विश्व जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है।

Governor Anandi Ben :-

स्तनपान क्यों करवाना चाहिए तथा इससे बच्चे एवं माँ को क्या फायदा तथा स्तनपान न कराने से क्या-क्या नुकसान हो सकता है, इस बात की जानकारी पिता को भी होनी चाहिए।

एक स्त्री के गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म तक महिला को किस तरह का पोषण, आचार-विचार व अनुकूल वातावरण मिले, न केवल माता-पिता को बल्कि हमारी किशोरियों को भी इस बात का ज्ञान होना चाहिए।

राज्यपाल ने महाभारत से अभिमन्यु के जन्म का उदाहरण लिया

उन्होंने कहा कि एक स्त्री को गर्भधारण के दौरान जिस तरह का वातावरण एवं भोजन मिलेगा, गर्भ के अन्दर पल रहे बच्चे पर भी उसका प्रभाव पड़ेगा। इसका दृष्टांत महाभारत में अभिमन्यु के जन्म से लिया जा सकता है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि सभी माता-पिता इस पर सकारात्मक सोच के साथ बच्चे के भविष्य के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाये ताकि माँ व बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। बच्चे को दूध पिलाने में किसी तरह का भ्रम नहीं पालना चाहिए।

हमारी 50 प्रतिशत बेटियां एनीमिक हैं – राज्यपाल
  • राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं का ब्लड टेस्ट कराने पर यह पता चला
  • कि हमारी 50 प्रतिशत बेटियां एनीमिक हैं।
  • यहां तक कि उनमें होमोग्लोबिन का स्तर 4-5 प्वाइंट तक मिला है,
  • यह सोचनीय स्थिति है।
  • यह पिता को सोचना होगा कि ऐसी बेटी अगर गर्भधारण करेगी तो क्या उसका बच्चा स्वस्थ पैदा होगा
  • तथा क्या वह ऐसी स्थिति में होगी कि वह अपने बच्चे को पर्याप्त मात्रा में दूध पिला सके।
  • ऐसी बेटी कुपोषित बच्चे को ही जन्म देगी।
  • बेटी के प्रति सोच में पिता को बदलाव लाना होगा
  • क्योंकि माँ का दूध सबसे बड़ी दवाई एवं बच्चे का पहला टीका होता है।
  • इसका बच्चे के मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
बच्चे को पिलाये उसके बाद अपने फिगर पर ध्यान दें
  • माँ के दूध में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। यह शिशु को मजबूत बनाने के साथ बीमारियों से बचाव भी करता है।
  • नवजात शिशुओं की माताओं को स्तनपान व्यवहार हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए
  • तथा परिवार के सभी सदस्य माँ को नवजात बच्चे को स्तनपान कराने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
  • राज्यपाल ने माताओं को आह्वान किया कि वे जन्म के एक घंटे के अन्दर माँ अपना दूध निश्चित रूप से बच्चे को पिलाये
  • तथा अपने फिगर पर ध्यान न दें।
  • उन्होंने कहा कि प्रसव उपरान्त पहला घंटा बच्चे के स्तनपान के लिये अत्यन्त आवश्यक है।
 

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