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मोदी-योगी की भूमि पूजन में भागीदारी संविधान की शपथ का उल्लंघन – दारापुरी

This News was published on: 9:00 PM

अब भूमि पूजन कार्यक्रम पर विवाद पैदा करने की कोशिश
मोदी-योगी की भूमि पूजन में भागीदारी संविधान की शपथ का उल्लंघन – दारापुरी

controversy over land worship program लखनऊ : “मोदी-योगी की भूमि पूजन में भागीदारी संविधान की शपथ का उल्लंघन”, “संविधान की रक्षा सुनिश्चित करें राष्ट्रपति एवं राज्यपाल महोदय” तथा “सरकारी धन के दुरूपयोग पर लगे रोक”- यह बात आज एस.आर.दारापुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रेस को जारी ब्यान में कही है।

  • उन्होंने कहा है कि धर्मनिरपेक्षता संविधान का मूल आधार है।
  • ऐसे में अगर मोदी और योगी बतौर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री मंदिर के भूमि पूजन में शामिल होते हैं.
  • तो यह उनके द्वारा पद संभालते वक्त ली गयी संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा।
  • यह उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद जब डा. राजेन्द्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर में शिवलिंग की स्थापना करने के लिए चले गए थे तो नेहरु बहुत नाराज हुए थे।
    over land worship program दारापुरी ने कहा ,
  • इतना ही नहीं जब पटेल ने सरकारी पैसे से सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी.
  • तो नेहरू बहुत नाराज हुए थे और उन्होंने कोई भी सरकारी पैसा देने से मना कर दिया था।
  • इस पर पटेल ने कृषि मंत्री के.एम.मुंशी से मिल कर चीनी गन्ना मिल मालिकों को चीनी का दाम बढ़ाने की अनुमति दे कर उसमें से आधा पैसा लेकर सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था।
  • इसका पता चलने पर नेहरु बहुत नाराज हुए थे।
इसके विपरीत जब आज हम देखते हैं तो:-
  • मोदी सरकार मंदिर के नाम पर 500 करोड़ रुपये और योगी सरकार 450 करोड़ रुपये दे रही है।
  • खास करके जब देश में हर रोज कोरोना के सैंकड़ों मरीज उचित स्वास्थ्य सुविधा एवं इलाज के बिना मर रहे हैं.
क्या एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की सरकार द्वारा एक मंदिर के लिए सरकारी धन दिया जाना जनता के पैसे का दुरूपयोग नहीं है?
क्या यह उचित नहीं है कि मंदिर का निर्माण श्रधालुयों के दान से ही किया जाना चाहिए ?
राष्ट्रपति और राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की जा रही:-
  • माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश ने 5 अगस्त को सरकार द्वारा राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम के संबंध में कहा है कि:-
  • वहां कोरोना महामारी के भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही कार्यक्रम किया जाए.
  • लेकिन इसकी खुलेआम अवहेलना करते हुए आरएसएस के नेताओं
  • भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा भव्य कार्यक्रम करने की घोषणाएं लगातार की जा रही हैं।
  • पूरे प्रदेश के पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों को अभी से ही लगा दिया गया है।
  • वहां मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री द्वारा दौरा किया जा रहा है.
  • सरकारी मशीनरी एवं जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
  • अत:: महामहिम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल महोदय से जनता की तरफ से अनुरोध है कि वे संविधान की रक्षा सुनिश्चित करें.
  • आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट राष्ट्रपति एवं राज्यपाल महोदय से अनुरोध करता है कि वे संविधान की रक्षा करें.
मंदिर के नाम पर सरकारी धन का दुरूपयोग रोकें, ताकि देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम रह सके।
 

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