मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र में छात्रवृत्ति के नाम पर 1.43 करोड़ का गबन, FIR के बावजूद भी आरोपी गिरफ्त से दूर

खबर सुल्तानपुर से हैं जहाँ भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नही ले रहा। जबकि यहां की सांसद मेनका गांधी हैं और भ्रष्टाचार का नाम सुनते ही वो एक्शन मोड में आ जाती हैं।

खबर सुल्तानपुर से हैं जहाँ भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नही ले रहा। जबकि यहां की सांसद मेनका गांधी हैं और भ्रष्टाचार का नाम सुनते ही वो एक्शन मोड में आ जाती हैं। बावजूद इसके उनके संसदीय क्षेत्र में अनुसूचित जाति के पांच छात्रों की छात्रवृति के नाम बगैर उन्हें प्रशिक्षण दिए 143.60 लाख रूपए गबन कर लिया गया और औपचारिकता के नाम पर मुकदमा तो तीन महीने पहले दर्ज हुआ लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी आजतक नही हुई। पूरा मामला नेशनल हाईवे 56 के अमहट एयरपोर्ट पर सरस्वती एवियेशन एकेडमी एयर फील्ड नामक संस्था अमहट में स्थापित है। उक्त संस्थान में CPL पाठ्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जाति के पांच छात्रों ने प्रवेश लिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी के आरोप के अनुसार, इन छात्रों को ट्रेनिंग नहीं दिलाकर उनके नाम पर 28.72 लाख की दर से सरकारी धन हड़प कर लिया गया।

तो वहीं इस मामले में समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ के अधिकारियों ने एक पत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी को इस आशय के साथ लिखा कि तत्काल प्रभाव से संस्था के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। मामले में समाज कल्याण अधिकारी ने 22 नवंबर को तत्कालीन एसपी के नाम एक पत्र एफआईआर दर्ज कराने के लिए लिखा। इस पत्र के आधार पर 23 नवंबर 2020 को कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज हो गया। चार्ज शीट की अवधि भी गुजर गई लेकिन अभी तक 28.72 लाख की दर से 143.60 लाख रूपए सरकारी धन का गबन करने वाला आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका।

इस मामले में जब डीएम रवीश कुमार गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, उसमें शासन के निर्देशों पर ही एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवेचना चल रही थी, विवेचना समाप्त होने पर जो परिणाम आएगा तो शीघ्र ही उससे अवगत कराएंगे।

बताते चलें कि इस बाबत जब हमारी टीम इसकी पड़ताल करने निकली और हम जब पहुँचे अमहट एयर पोर्ट तो हमनें देखा कि वहाँ एयरपोर्ट के नाम पर एक गेट लगा है और जिस एविएशन को ये एयरपोर्ट सौपा गया है या यूं कहें कि जिस एविएशन के नाम पर यहाँ प्रशिक्षण देने का कार्य किया जाता हैं तो उस संस्था का कही नाम भी नहीं दर्ज है और कागजों पर सरस्वती एविएशन अकैडमी ने नाम पर यहाँ पायलट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती हैं। जब हमनें वहाँ मौजूद स्टाफ़ से बात की तो देसराज ट्रेनर (पायलट) और अरविंद यादव नाम के दो व्यक्ति मिले जब हमनें उनसे ये जानने का प्रयास किया कि यहाँ पर किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाता हैं, तो उनका व्यवहार ठीक नहीं था और उन दोनों लोगों ने कुछ भी बताने से इंकार किया और कैमरे के सामने आने से बचते रहे और स्पष्ट शब्दों में कहाँ की आप अपना कैमरा और माइक बंद करे इसके बाद ही कुछ बात की जाएगी।

 

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गौरतलब हो कि जब हमनें उनसे FIR का जिक्र किया और ये जानने का प्रयास किया कि क्या यहाँ उन छात्रों को ट्रेनिंग दी गई है तो उन्होंने बताया कि वो छात्र ट्रेनिंग के लायक थे ही नहीं जब हमनें उनसे पूछा कि आपको इस बात का कब एहसास हुआ कि वो बच्चें जिनके नाम पर प्रति छात्र 28.72 लाख की दर से 1,43.60 एक करोड़ तिरालीस लाख साठ हज़ार रुपये छात्रवृत्ति सरस्वती एविएशन एकेडमी ने नाम पर जारी की गई थी और आपको उन छात्रों को ट्रेनिंग देकर पायलट बनाने का कार्य सौंपा गया था और आप यहाँ के ट्रेनर हो और अपने आप को पायलट भी बता रहे हो तो उनके द्वारा ये कहा गया कि ये सब फ़र्जी बातें हैं और हम आपके किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं देंगे, वहीँ जब हमनें अरविंद यादव से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने साफ़ तौर पर ये कह दिया कि मैं मकैनिकल डिपार्टमेंट से हूँ आपके किसी भी बात का उत्तर नहीं दे सकता, इससे एक बात तो यह स्पष्ट हो गई कि ये दोंनो लोग झूठ बोल रहे हैं और इनको हर बात की जानकारी हैं लेकिन ग़बन का बड़ा मामला है इसलिए कुछ भी कहने से बच रहे हैं!

जब हमारी टीम इसकी पड़ताल करने निकली और हम जब पहुँचे अमहट एयर पोर्ट तो हमनें देखा कि वहाँ एयरपोर्ट के नाम पर एक गेट लगा है और जिस एविएशन को ये एयरपोर्ट सौपा गया है या यूं कहें कि जिस एविएशन के नाम पर यहाँ प्रशिक्षण देने का कार्य किया जाता हैं तो उस संस्था का कही नाम भी नहीं दर्ज है और कागजों पर सरस्वती एविएशन अकैडमी ने नाम पर यहाँ पायलट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती हैं जब हमनें वहाँ मौजूद स्टाफ़ से बात की तो देसराज ट्रेनर (पायलट) और अरविंद यादव नाम के दो व्यक्ति मिले जब हमनें उनसे ये जानने का प्रयास किया कि यहाँ पर किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाता हैं तो उनका व्यवहार ठीक नहीं था और उन दोनों लोगों ने कुछ भी बताने से इंकार किया और कैमरे के सामने आने से बचते रहे और स्पष्ट शब्दों में कहाँ की आप अपना कैमरा और माइक बंद करे इसके बाद ही कुछ बात की जाएगी!

तो वहीं इस संबंध में जब सी ओ सिटी नगर सतीश चंद्र शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरस्वती एविएशन एकेडमी के नाम से एक मुकदमा 23-11-2020 को जिला सूचना अधिकारी के द्वारा कोतवाली नगर में पंजीकृत कराया गया है जो कि छात्रवृत्ति ग़बन का मामला है जिसकी विवेचना की जा रही हैं और विवेचना के आधार पर जो भी क़ानूनी वैधानिक कार्यवाही है वो सुनिश्चित की जायेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Report-Santosh Pandey

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