बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर कही जाने वाली हल्दी आपके स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से नहीं हैं कम

हल्दी हमारी सांस्कृतिक विरासत है. सदियों से इसका उपयोग रसोई में तथा शुभ और मांगलिक कार्यो में होता आ रहा है. इसके अलावा औषधि के रूप में भी इसके लाभदायक असर को हमने जाना और पहचाना है. शादी के समय हल्दी लगाने का उदेश्य और सन्देश यही होता है की हल्दी का उपयोग सुंदरता और स्वास्थ्य दोनों दे सकता है.

इस बात में कोई शक नहीं है कि हल्दी एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर है. इसे आमतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं के लिये सुरक्षित माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में किया जाए. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से यह मासिक धर्म को बढ़ावा दे सकता है या गर्भावस्था की स्थिति में खतरनाक हो सकता है.

अगर आप हल्दी का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो आपको कब्ज, दस्त, मतली, उल्टी, अपच, पीले मल और पेट में दर्द की शिकायत हो सकती है. हल्दी में ऑक्सालेट की एक महत्वपूर्ण मात्रा होती है. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पित्त पथरी के विकास का जोखिम बढ़ सकता है.

हल्दी अदरक की तरह एक जड़ होती है. इसका पौध 5-6 फुट तक होता है. पौधे को 20 से 300 सैं.तापमान और भरपूर पानी चाहिए होता है. हल्दी को सुखाकर फिर पीस कर रसोई के काम में लिया जाता है. सुंदरता बढाने और स्वास्थ्य लाभ के लिए भी पिसी हुई हल्दी ही काम में ली जाती है. सम्पूर्ण भारत में हल्दी का उपयोग होता है.

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